सीजी भास्कर, 20 नवंबर। दूरस्थ वन क्षेत्रों में वन विभाग (Forest Coupe Cutting) की सक्रिय पहल से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हो गई है। वर्ष 2025 में मोहला वन मंडल ने जिस तरह व्यापक स्तर पर कूप कटाई कर उपलब्धि हासिल की है, उसने न केवल विभागीय लक्ष्य पूरे किए बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति दी है।
मोहला-मानपुर-चौकी जिले के विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पहले 18 कूपों में से मुश्किल से 4 से 5 कूपों की ही कटाई हो पाती थी। लेकिन वन मंडल के गठन के बाद स्थिति धीरे-धीरे बदलती गई और इस वर्ष सभी 18 कूपों की कटाई के साथ 10 अतिरिक्त कूप भी काटे गए। यह उपलब्धि क्षेत्र में वन विकास और संसाधन प्रबंधन की दिशा में नया कीर्तिमान मानी जा रही है।
कूप कटाई से मिलने वाला लाभ केवल लकड़ी प्रबंधन तक सीमित नहीं रहा। कटाई कार्य में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिला। वहीं वन प्रबंधन समितियों को राजस्व का 20 प्रतिशत लाभांश मिलने से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। विभाग के अनुसार, बीते दो वर्षों में मोहला वन मंडल की 34 समितियों को कुल 38 लाख 59 हजार 100 रुपये का लाभांश वितरण किया जा चुका है।
इन समितियों (Forest Coupe Cutting) द्वारा प्राप्त राशि से कई गांवों में अधोसंरचना निर्माण के कार्य शुरू हो चुके हैं। कहीं सड़क और नाली निर्माण चल रहा है तो कहीं ग्रामीणों ने मछली पालन, कुसुम लाख पालन जैसी रोजगार मूलक गतिविधियों की दिशा में कदम बढ़ाया है।
वर्तमान में पांच समितियों में अधोसंरचना विकास कार्य प्रगति पर हैं, जबकि 17 समितियां आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय हैं। इन प्रयासों की सफलता वन विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदायों की साझा भागीदारी का परिणाम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षित इन इलाकों में वन विभाग की पहल ने रोजगार और विकास दोनों का अवसर दिया है और इससे जल्द ही गांवों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।



