सीजी भास्कर, 19 मई। उदंती सीतानदी क्षेत्र के जैतपुरी गांव में सोमवार को सुबह से ही हलचल (Forest Encroachment) तेज रही। गांव के भीतर वन विभाग की गाड़ियों के पहुंचते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ जगहों पर महिलाएं समूह में खड़ी दिखाई दीं तो कई लोग कार्रवाई को लेकर आपस में चर्चा करते नजर आए। माहौल धीरे धीरे तनावपूर्ण होता गया और देखते ही देखते गांव में भारी भीड़ जमा हो गई।
गांव में मौजूद लोगों के बीच इस बात को लेकर काफी नाराजगी थी कि वन विभाग लगातार अतिक्रमण के मामलों में दबाव बढ़ा रहा है। इसी दौरान बयान दर्ज करने पहुंची टीम और ग्रामीणों के बीच बहस शुरू हो गई। मौके पर अफरा तफरी जैसी स्थिति बन गई और विरोध इतना बढ़ा कि अधिकारियों के साथ धक्का मुक्की तक की नौबत आ गई। घटना का वीडियो भी अब सामने आया है।
कोर क्षेत्र में चल रही थी कार्रवाई : Forest Encroachment
मामला उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर जोन अंतर्गत सीतानदी रेंज के जैतपुरी गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार वन विभाग ने पहले से अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई शुरू कर रखी थी। इस दौरान 166 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ वन अपराध दर्ज कर नोटिस जारी किए गए थे।
बताया गया कि कुछ लोगों ने नोटिस का जवाब भी दिया था लेकिन उनके बयान दर्ज नहीं हो सके थे। विभाग की तरफ से दो बार नोटिस भेजे जाने के बाद आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया था, जिसे अदालत से राहत नहीं मिली।
गिरफ्तारी के बाद बढ़ा तनाव
वन विभाग की कार्रवाई के बीच पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गांव का माहौल और ज्यादा गर्म हो गया। आरोप है कि इसके बाद ग्रामीणों ने महिलाओं को आगे कर वन अमले का रास्ता रोकने और कार्रवाई प्रभावित करने की कोशिश की।
सोमवार को विभागीय टीम गांव पहुंची थी ताकि बाकी लोगों के बयान दर्ज (Forest Encroachment) किए जा सकें। इसी दौरान ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। विरोध बढ़ने पर कुछ लोगों ने डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन और कर्मचारियों के साथ धक्का मुक्की की कोशिश की।
सुरक्षा के लिए पुलिस से मांगी मदद
तनाव बढ़ने के बाद वन विभाग ने हालात संभालने की कोशिश की। बाद में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस से भी सहयोग मांगा गया। विभाग का कहना है कि पूरे मामले में आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण (Forest Encroachment) में है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी अलग अलग तरीके अपना रहे हैं लेकिन विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



