सीजी भास्कर, 24 जून। सरगुजा संभाग के चर्चित फर्नीचर खरीदी मामले में जांच एजेंसियों की सक्रियता एक बार फिर बढ़ (Furniture Scam) गई है। वर्षों पुराने इस मामले में लंबे समय से दस्तावेजों की पड़ताल चल रही थी, लेकिन जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने से जांच प्रभावित हो रही थी। अब एंटी करप्शन ब्यूरो ने सीधे कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की है।
बुधवार को जांच टीम ने संबंधित कार्यालय में पहुंचकर खरीदी और भुगतान से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर फर्नीचर खरीदी से जुड़ी अनियमितताओं का मामला चर्चा में आ गया है।
एसीबी ने जब्त किए महत्वपूर्ण रिकॉर्ड Furniture Scam
अंबिकापुर स्थित कलेक्टोरेट कंपोजिट बिल्डिंग में संचालित राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई की। डीएसपी प्रमोद कुमार खेस के नेतृत्व में पहुंची टीम ने फर्नीचर खरीदी, भुगतान, बिल, व्हाउचर और अन्य दस्तावेजों की जांच की। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले गए।
रिकॉर्ड नहीं मिलने पर हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी लंबे समय से संबंधित दस्तावेजों की मांग कर रही थी। बार बार पत्राचार के बावजूद रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने पर एसीबी टीम को सीधे कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज जब्त करने की कार्रवाई करनी पड़ी।
क्या है पूरा मामला
वर्ष 2011-12 में अविभाजित सरगुजा जिले में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्नीचर की खरीदी (Furniture Scam) की गई थी। करीब 12 अलग अलग फर्मों से करोड़ों रुपये का सामान खरीदे जाने का दावा किया गया था। बाद में इस पूरी प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं।
स्कूलों तक नहीं पहुंचा था सामान
जांच में यह तथ्य सामने आया था कि कई स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों तक फर्नीचर पहुंचा ही नहीं था। इसके बावजूद फर्मों द्वारा प्रस्तुत बिल और प्रमाण पत्र के आधार पर भुगतान जारी कर दिया गया था।
दबाव में कराए गए थे हस्ताक्षर
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया था कि कई जगहों पर जिम्मेदार अधिकारियों से दबाव बनाकर प्राप्ति पावती पर हस्ताक्षर कराए गए। कुछ संस्थानों में रिकॉर्ड के अनुसार फर्नीचर दर्शाया गया, जबकि वास्तविक रूप से सामान या तो कम पहुंचा या पहुंचा ही नहीं।
2017-18 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले की जांच के बाद वर्ष 2017-18 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण में तत्कालीन अधिकारियों और संबंधित फर्मों से जुड़े लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।
आधा दर्जन अधिकारियों और 12 फर्मों पर मामला
घोटाले में लगभग आधा दर्जन अधिकारियों और 12 फर्मों के खिलाफ मामला (Furniture Scam) दर्ज है। अब एसीबी जब्त दस्तावेजों का मिलान कर खरीदी आदेश, भुगतान प्रक्रिया, भंडार पंजी और स्कूलों की पावती रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी।





