सीजी भास्कर, 23 अप्रैल
ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता एक बार फिर अनिश्चितता में घिर गई है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में होने वाली बैठक को लेकर दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी साफ नजर आ रही है। तय कार्यक्रम और स्थान को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शर्तों और स्थान को लेकर टकराव, पाकिस्तान की भूमिका पर भी उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, इस्लामाबाद में प्रस्तावित बैठक को लेकर आखिरी समय में बदलाव की स्थिति बनी, जिससे कूटनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई। ईरान ने संकेत दिया है कि वह कुछ शर्तों के बिना वार्ता में शामिल होने को तैयार नहीं है, वहीं अमेरिका भी अपने रुख पर कायम है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान, जो इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, दोनों देशों को एक मंच पर लाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, बैठक के स्थान और प्रक्रिया को लेकर बार-बार बदलती स्थिति ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास और वर्तमान विवादों के कारण शांति वार्ता की राह और कठिन हो गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अगली बैठक कब और कहां होगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर करीबी नजर रखी जा रही है।


