सीजी भास्कर, 19 अप्रैल : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव (Hormuz Strait Shipping Crisis) अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां ईरान की नापाक हरकत ने भारत के सब्र का इम्तिहान ले लिया है। खबर है कि ईरानी सुरक्षा बलों ने भारतीय झंडे वाले एक विशाल तेल टैंकर को निशाना बनाते हुए उस पर अंधाधुंध गोलीबारी की है। इस दुस्साहस के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को आनन-फानन में ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली को तलब कर इस घटना पर अपना औपचारिक और सख्त विरोध दर्ज कराया। नई दिल्ली ने साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
20 लाख बैरल तेल के साथ आ रहा था जहाज
मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस वक्त हुई जब एक बड़ा भारतीय जहाज करीब 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल लेकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा था। ओमान की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में ईरानी नौसेना ने इस जहाज को टारगेट किया। इस (Hormuz Strait Shipping Crisis) से पहले भी ‘जग अर्नव’ और ‘सनमार होराल्ड’ जैसे भारतीय जहाजों को ईरानी धमकियों के चलते वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा था। भारत के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि यह देश की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
‘बिना परमिशन पार नहीं होगा होर्मुज’
ब्रिटिश नौसेना ने भी इस तनावपूर्ण स्थिति की पुष्टि की है। उनके बयान के अनुसार, ईरानी गनबोट्स ने व्यापारिक जहाजों को रेडियो संदेश भेजकर डराना शुरू कर दिया है। ईरान ने एकतरफा दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया है और अब इस मार्ग को पार करने के लिए उनकी नौसेना की अनुमति अनिवार्य होगी। इस (Hormuz Strait Shipping Crisis) के कारण वैश्विक व्यापार मार्ग पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आने का अंदेशा है।
ओमान की खाड़ी में तैनात किए डिस्ट्रॉयर
ईरानी नौसेना की इस आक्रामकता का जवाब देने और अपने जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वर्तमान में भारत के दो डिस्ट्रॉयर, एक फ्रिगेट और एक टैंकर ओमान की खाड़ी में युद्धस्तर पर तैनात हैं। नौसेना लगातार जानकारियां जुटा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि (Hormuz Strait Shipping Crisis) के बीच कोई अन्य भारतीय जहाज वहां फंसा न हो। सरकार स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और कूटनीतिक चैनलों के साथ-साथ सैन्य सतर्कता भी बढ़ा दी गई है।
तेहरान के राजदूत से 6:30 बजे हुई तीखी वार्ता
विदेश मंत्रालय ने शाम 6:30 बजे ईरानी राजदूत के साथ हुई मीटिंग में घटना के एक-एक पहलू पर जवाब मांगा। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का हवाला देते हुए ईरान को अपनी हरकतों से बाज आने की चेतावनी दी है। जानकारों का मानना है कि यदि यह (Hormuz Strait Shipping Crisis) जल्द नहीं सुलझा, तो भारत और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल, भारतीय जहाजों को वैकल्पिक मार्गों और अतिरिक्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।


