सीजी भास्कर, 22 जून : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम घुमका में रविवार सुबह एक पुराने पक्के मकान (House Collapse Ghumka ) को ढहाने के दौरान एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा हो गया। मकान को तोड़ते समय कंक्रीट का भारी-भरकम छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस मलबे की चपेट में आने और मलबे के नीचे दबने के कारण 28 वर्षीय एक युवा मजदूर अमर यादव की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक युवक स्थानीय चंडी चौक, घुमका का ही रहने वाला था। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है और पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
मकान तोड़ते समय बिगड़ा संतुलन
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतक अमर यादव स्थानीय बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर (भवन ठेकेदार) समारू वर्मा की टीम में बतौर दिहाड़ी मजदूर काम करता था। रविवार सुबह करीब 7 बजे ठेकेदार समारू वर्मा के निर्देश और देखरेख में वह घुमका निवासी अशोक साहू के पुराने पक्के मकान को तोड़ने (ध्वस्तीकरण) के काम में लगा हुआ था।
काम के दौरान अमर मकान के सामने के हिस्से में लगे भारी छज्जे को कटर और हथौड़े से तोड़ रहा था। इसी बीच बिना किसी चेतावनी के छज्जे का मुख्य सपोर्ट टूट गया और वह अचानक ढह गया। छज्जा टूटने से अमर का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वह छज्जे के भारी-भरकम मलबे के साथ करीब 10 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे जमीन पर आ गिरा। इसके बाद छज्जे के भारी टुकड़े सीधे उसके ऊपर ही गिर गए, जिससे वह मलबे में बुरी तरह दफन हो गया।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से निकाला बाहर
मकान ढहने और छज्जा गिरने की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग दहल गए। मौके के पास ही बैठे मोहल्ले के नोहेंद्र सिन्हा और अन्य स्थानीय ग्रामीण तुरंत बिना वक्त गंवाए घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने भारी पत्थरों और मलबे को हटाने के लिए कड़ी मशक्कत की और काफी प्रयासों के बाद अमर को लहूलुहान हालत में बाहर निकाला।
ग्रामीण और ठेकेदार के लोग गंभीर रूप से घायल अमर को तुरंत आपातकालीन स्थिति में घुमका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही अमर ने दम तोड़ दिया था, जिसके बाद वहां मौजूद डॉक्टरों ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अस्पताल प्रबंधन से मिली सूचना के बाद घुमका थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित भिजवाया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि 28 वर्षीय अमर अपने पूरे घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था। बूढ़े माता-पिता और पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। उसकी अचानक मौत से हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह बिखर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अब इस मामले में ठेकेदार द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भी जांच कर रही है।





