सीजी भास्कर, 16 अप्रैल : मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव (Iran-Israel Tension) एक बार फिर वैश्विक चिंता का कारण बन गया है। ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी अब भी जारी है। यह फैसला उस समय लिया गया जब इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच हुई शांति वार्ता पर सहमति नहीं बन सकी। अब हालात और ज्यादा गंभीर होते दिख रहे हैं। समुद्र में जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है और दुनिया भर की नजरें इस पूरे घटनाक्रम (Iran-Israel Tension) पर टिकी हुई हैं। ईरान ने भी अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है, जिससे टकराव का खतरा और बढ़ गया है।
Iran-Israel Tension होर्मुज में बढ़ा खतरा
मध्य पूर्व का मौजूदा संकट (Iran-Israel Tension) अब समुद्री रास्तों तक पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरा पैदा कर दिया है। तेल सप्लाई पर भी इसका असर पड़ सकता है, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं संभले तो यह तनाव और व्यापक रूप ले सकता है।
ईरान की सख्त चेतावनी
ईरान के वरिष्ठ सैन्य नेताओं ने अमेरिका को खुली धमकी दी है। उनका कहना है कि अगर अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में ज्यादा दखल दिया तो उसके जहाजों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान का मानना है कि अमेरिका को इस क्षेत्र में ‘पुलिस’ बनने का कोई अधिकार नहीं है। इस बयान के बाद बढ़ता तनाव (Iran-Israel Tension) और ज्यादा गहरा गया है और किसी भी समय टकराव की आशंका बनी हुई है।
अमेरिका का सख्त रुख
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगा। व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी जहाजों पर यह नाकेबंदी लागू होगी। खासतौर पर अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में सख्ती बढ़ा दी गई है। अमेरिकी नौसेना लगातार गश्त कर रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बढ़ता तनाव (Iran-Israel Tension) अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
शांति वार्ता पर संकट
इस्लामाबाद में हुई बातचीत के विफल होने के बाद संकट (Iran-Israel Tension) और गहरा गया है। दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी साफ दिखाई दे रही है। ईरान ने युद्धविराम बढ़ाने के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। हालांकि, कुछ स्तर पर बातचीत जारी रखने की कोशिश हो रही है, लेकिन मौजूदा हालात समाधान के बजाय टकराव की ओर इशारा कर रहे हैं।
शांति वार्ता पर असर
इस्लामाबाद में हुई बातचीत के फेल होने के बाद दोनों देशों के बीच भरोसा और कम हो गया है। ईरान के नेताओं ने युद्धविराम बढ़ाने के खिलाफ भी बयान दिया है। हालांकि, दूसरी तरफ कुछ स्तर पर बातचीत जारी रखने की कोशिश हो रही है। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए बढ़ता तनाव (Iran-Israel Tension) जल्द खत्म होता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ सकती है। इस तरह बढ़ता संकट (Iran-Israel Tension) अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है, जहां हर कदम पर टकराव की आशंका बनी हुई है।


