सीजी भास्कर, 25 जून। पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन सामान्य दिनों से अलग रहने वाला है। मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान होने के कारण दर्शन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पहले ही श्रद्धालुओं से समय का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
हर वर्ष होने वाले इस पारंपरिक उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल (Jagannath Temple) होते हैं। इसी वजह से मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और धार्मिक विधियों को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए कुछ समय के लिए आम दर्शन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
रुक्मिणी हरण और विवाह उत्सव का आयोजन
मंदिर प्रशासन के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के दिव्य विवाह से जुड़ी प्राचीन परंपरा रुक्मिणी हरण एवं विवाह उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह उत्सव श्री जगन्नाथ मंदिर की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है और हर वर्ष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
विशेष विधि विधान से होंगे अनुष्ठान Jagannath Temple
उत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मिणी हरण और दिव्य विवाह से जुड़ी सभी धार्मिक रस्में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि विधान के अनुसार संपन्न कराई जाएंगी। इन अनुष्ठानों की पवित्रता बनाए रखने के लिए दर्शन व्यवस्था में अस्थायी परिवर्तन किया गया है।
पांच घंटे बंद रहेंगे दर्शन
मंदिर प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार प्रथम भोग मंडप की पूजा पूरी होने के बाद दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। इस अवधि में केवल निर्धारित धार्मिक नीतियों और पूजा अनुष्ठानों का संचालन किया जाएगा।
सुबह दर्शन करने की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि गुरुवार को पुरी पहुंचने वाले भक्त सुबह के समय ही दर्शन (Jagannath Temple) कर लें। इससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
बढ़ सकती है श्रद्धालुओं की संख्या
रुक्मिणी हरण एवं विवाह उत्सव के धार्मिक महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। इसी कारण प्रशासन ने पहले ही दर्शन समय में बदलाव की जानकारी जारी कर लोगों से अपनी यात्रा और दर्शन की योजना उसी के अनुरूप बनाने की अपील की है।



