सीजी भास्कर, 4 अक्टूबर : झीरम घाटी हत्याकांड के मुख्य मामले में करीब 13 साल बाद अदालत का फैसला आ चुका है। NIA की विशेष अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद 16 सितंबर को सभी को मृत्युदंड की सजा सुनाई। लेकिन इस फैसले के बाद भी झीरम कांड से जुड़ा एक अहम सवाल बाकी है। राजनीतिक षड्यंत्र की जांच (Jhiram Valley Political Conspiracy) अब भी अलग FIR के तहत जांच के दायरे में है। यानी अदालत का यह फैसला 2013 के हमले में दोषी ठहराए गए नक्सल आरोपियों से जुड़े NIA मामले पर है। दूसरी ओर, दरभा थाने में दर्ज दूसरी FIR में हमले के पीछे कथित बड़ी साजिश और उसके संभावित सूत्रों की जांच का पहलू शामिल है।
यह भी पढ़ें : Wildlife Week Photography Competition : वन्यजीव सप्ताह में हुनर दिखाने का मौका, फोटो-रील को मिलेंगे 2100 रुपए तक
यह दूसरी FIR कांग्रेस नेता उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र मुदलियार की शिकायत पर 2020 में दर्ज की गई थी। इसी मामले को लेकर NIA ने राज्य पुलिस की जांच पर आपत्ति जताई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 21 नवंबर 2023 को NIA की याचिका खारिज कर दी और राज्य पुलिस को जांच जारी रखने का रास्ता साफ हो गया।
दूसरी FIR में क्या है
दूसरी FIR में आरोप लगाया गया था कि NIA की मूल जांच में हत्याकांड के पीछे के राजनीतिक षड्यंत्र के पहलू को शामिल नहीं किया गया। इसी शिकायत के आधार पर दरभा थाने में अलग मामला दर्ज किया गया था। इसमें झीरम की साजिश की जांच (Jhiram Valley Political Conspiracy) का सवाल उठाया गया। शिकायतकर्ता जितेंद्र मुदलियार का कहना रहा है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि इतने बड़े हमले की योजना के पीछे कौन लोग थे और नक्सलियों को किस स्तर से सहयोग या निर्देश मिला था।
यह भी पढ़ें : Korea Road Accident : दशगात्र से लौट रही महिलाओं के ऑटो को पिकअप ने मारी टक्कर, 4 की मौत, 4 गंभीर
सुप्रीम कोर्ट ने दिया रास्ता
दूसरी FIR के खिलाफ NIA ने कानूनी लड़ाई लड़ी थी। पहले हाईकोर्ट में NIA की याचिका खारिज हुई और इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2023 में NIA की आपत्ति खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि NIA ने बड़े राजनीतिक षड्यंत्र के पहलू की जांच नहीं की थी और इसी कारण राज्य पुलिस ने अलग FIR दर्ज कर जांच शुरू की। कोर्ट के फैसले के बाद राज्य पुलिस के लिए इस पहलू की जांच का रास्ता खुला।
यह भी पढ़ें : Takhatpur Youth Suicide Attempt : मारपीट-धमकी से तंग युवक ने की आत्महत्या की कोशिश, हालत गंभीर
SIT पर उठे सवाल
दूसरी FIR की जांच के लिए तत्कालीन राज्य सरकार ने विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया था। अब सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस जांच में कितनी प्रगति हुई और अब तक कौन-कौन से साक्ष्य जुटाए गए हैं। यही वजह है कि SIT जांच की स्थिति (Jhiram Valley Political Conspiracy) को लेकर राजनीतिक और पीड़ित परिवारों की ओर से सवाल उठते रहे हैं। हालांकि जांच की वर्तमान स्थिति को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
यह भी पढ़ें : Religious Conversion Statement : मंत्री टंकराम वर्मा बोले- दबाव या लालच से धर्मांतरण गलत
NIA केस में फैसला
NIA की जांच से जुड़े मामले में जगदलपुर की विशेष अदालत ने 5 सितंबर 2026 को 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसके बाद 16 सितंबर को अदालत ने सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस मामले में अदालत का फैसला 2013 के हमले में नक्सली आरोपियों की भूमिका और अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों पर आधारित है। NIA मामले का फैसला (Jhiram Valley Political Conspiracy) अब आ चुका है, लेकिन दूसरी FIR का दायरा इससे अलग है।
यह भी पढ़ें : Drishyam 3 Box Office Collection : बाक्स आफिस पर दृश्यम 3 की आंधी, 2 दिन में 177 करोड़ पार
2013 में हुआ था हमला
25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा से लौट रहे नेताओं के काफिले पर झीरम घाटी में माओवादियों ने हमला किया था। हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और कांग्रेस नेता उदय मुदलियार समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। हमले के बाद मामले की जांच NIA को सौंपी गई थी। वर्षों चली सुनवाई के बाद अब इस मुख्य मामले में अदालत का फैसला आ चुका है। दूसरी ओर झीरम राजनीतिक साजिश का पहलू (Jhiram Valley Political Conspiracy) अभी भी अलग FIR की जांच से जुड़ा हुआ है।
यह भी पढ़ें : Korba Land Fraud : एक ही जमीन का दो लोगों से सौदा, 7 लाख की ठगी के आरोप में आरोपी गिरफ्तार
अब आगे क्या होगा
झीरम मामले की दूसरी FIR में जांच की प्रगति अब सबसे बड़ा सवाल है। जितेंद्र मुदलियार ने इस जांच को आगे बढ़ाने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि हमले के पीछे की पूरी साजिश सामने आना जरूरी है। ऐसे में NIA मामले में अदालत के फैसले के बाद भी राजनीतिक षड्यंत्र की जांच (Jhiram Valley Political Conspiracy) का परिणाम सामने आना बाकी है। इस जांच में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या कोई ठोस निष्कर्ष निकलता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
यह भी पढ़ें : Ajay Chandrakar : अफसर से फोन पर बात का वीडियो वायरल, अजय चंद्राकर के बयान पर मचा बवाल



