सीजी भास्कर, 20 जून। बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में एक किसान द्वारा कीटनाशक पीने का मामला सामने आया है। किसान के परिजनों ने आरोप लगाया है कि रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले नायब तहसीलदार द्वारा 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। घटना के बाद किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। (Farmer Poison Case)
ट्रैक्टर जब्ती के बाद बढ़ा विवाद : Farmer Poison Case
परिजनों के अनुसार, किसान का बेटा ट्रैक्टर में रेत लेकर लौट रहा था, तभी राजस्व विभाग की कार्रवाई के दौरान वाहन को रोक लिया गया। आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये मांगे गए और राशि नहीं देने पर वाहन को थाने में खड़ा करा दिया गया।
परिवार का दावा है कि अन्य कुछ ट्रैक्टरों को छोड़ दिया गया, जबकि उनका ट्रैक्टर जब्त रखा गया। इस घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर किसान मौके पर पहुंचे और कथित तौर पर तनाव में आकर कीटनाशक का सेवन कर लिया।
आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव बना वजह
परिजनों का कहना है कि किसान पहले से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। ट्रैक्टर जब्त होने और कथित रिश्वत की मांग पूरी नहीं कर पाने के कारण वह मानसिक दबाव में आ गया। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।
किसान को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर है और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
आरोपों से इनकार, जांच रिपोर्ट का इंतजार : Farmer Poison Case
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय विधायक अस्पताल पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अवैध वसूली की गई है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं संबंधित नायब तहसीलदार ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि रेत परिवहन को लेकर की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत थी और किसी प्रकार की रिश्वत नहीं मांगी गई। उनका कहना है कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





