सीजी भास्कर, 03 जून : राजधानी रायपुर के खम्हारडीह और आसपास के इलाकों में लंबे समय से गहराए पेयजल संकट (Khamardih Water Project Delay) को दूर करने के लिए स्वीकृत की गई 22 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी जल परियोजना पूरी तरह अधर में लटक गई है। नई पानी टंकी के निर्माण और पाइपलाइन विस्तार के लिए भारी-भरकम बजट मंजूर होने के बावजूद अब तक भूमि संबंधी अनुमति नहीं मिल सकी है। इस प्रशासनिक लेत-लतीफी का सीधा खमियाजा क्षेत्र के 20 हजार से अधिक परिवारों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें अब अगले गर्मी के सीजन तक भी इस गंभीर समस्या से राहत मिलने के आसार बेहद कम नजर आ रहे हैं।
चार महीने से महिला एवं बाल विकास विभाग में दबी है फाइल
जानकारी के मुताबिक, ‘नगरोत्थान योजना’ के तहत खम्हारडीह क्षेत्र में नई पानी टंकी के निर्माण और पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की कड़क प्रशासनिक स्वीकृति मार्च महीने में ही मिल गई थी। इसके बाद प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित जमीन के आवंटन को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मांगा गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि इस बात को चार महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन विभाग की तरफ से अब तक एनओसी जारी नहीं की गई है। इस सिंगल क्लीयरेंस के अभाव में टेंडर और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
सेल्स टैक्स कॉलोनी और अवंती विहार में पानी के लिए मची त्राहि-त्राहि
परियोजना के अधर में लटकने से खम्हारडीह के अलावा सेल्स टैक्स कॉलोनी, अवंती विहार, शंकर नगर और उसके आसपास के कई बड़े रिहायशी इलाकों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। इन इलाकों में भूजल स्तर (वाटर लेवल) तेजी से गिरने के कारण लोगों के निजी बोरवेल दम तोड़ चुके हैं। वर्तमान में नगर निगम जैसे-तैसे टैंकरों के माध्यम से पानी की खानापूर्ति कर रहा है, जिसके चलते लोगों को महंगे दामों पर निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते यह प्रोजेक्ट शुरू हो जाता, तो उन्हें इस कड़क किल्लत से स्थायी मुक्ति मिल जाती।
मानसून की दस्तक से अब और खिंचेगा वक्त
अब जबकि मानसून ने दस्तक दे दी है, इस प्रोजेक्ट में होने वाली देरी का ग्राफ और ज्यादा बढ़ने की आशंका है। तकनीकी विशेषज्ञों का साफ कहना है कि अगर संबंधित विभाग से आगामी कुछ दिनों में एनओसी मिल भी जाती है, तब भी भारी बारिश के दौरान पानी टंकी की मजबूत नींव (Foundation) भरना और खुदाई का काम शुरू करना व्यावहारिक रूप से मुमकिन नहीं होगा। ऐसे में अब इस पूरी परियोजना का निर्माण कार्य मानसून बीत जाने यानी ठंड के मौसम में ही शुरू होने की संभावना है। हालांकि, नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि वे एनओसी के लिए लगातार विभाग से संपर्क साधे हुए हैं और हरी झंडी मिलते ही काम युद्धस्तर पर शुरू कराया जाएगा।
खास बातें जो आपको जाननी चाहिए
कुल बजट: नगरोत्थान योजना के तहत ₹22 करोड़ की जल परियोजना स्वीकृत की गई है।
प्रभावित आबादी: खम्हारडीह, अवंती विहार और शंकर नगर के 20,000 से अधिक परिवार पानी को तरस रहे हैं।
अड़चन: प्रस्तावित निर्माण स्थल के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से 4 महीने से एनओसी लंबित है।
वर्तमान स्थिति: जल संकट के कारण लोग पूरी तरह से सरकारी और निजी पानी के टैंकरों के भरोसे हैं।




