सीजी भास्कर, 17 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी (Korba Teacher Vacancy) से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में 250 से अधिक पद रिक्त हैं। वहीं, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भी 79 शिक्षकों की भर्ती अटकी हुई है। करीब 138 स्कूल ऐसे हैं, जो केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।
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130 पदों पर भर्ती प्रक्रिया
प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में रिक्त पदों को भरने के लिए फिलहाल 130 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इनमें प्राथमिक स्कूलों के 100 और मिडिल स्कूलों के 30 पद शामिल हैं। शिक्षक भर्ती परीक्षा 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है। परीक्षा के बाद परिणाम, दस्तावेज सत्यापन और पदस्थापना की प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी होने की संभावना है। इस भर्ती (Korba Teacher Vacancy) के पूरा होने तक विद्यार्थियों को इंतजार करना पड़ सकता है।
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आत्मानंद स्कूलों में 79 पद
कोरबा जिले के 15 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों के 79 पद रिक्त हैं। इन पदों पर संविदा नियुक्ति की जानी है। गणित और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी भी बनी हुई है। ऐसे में विद्यार्थियों को स्वाध्याय और ऑनलाइन माध्यमों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पहले जिला स्तरीय समिति साक्षात्कार के आधार पर भर्ती करती थी। हालांकि, गड़बड़ी की शिकायतों के बाद जिला स्तर पर यह प्रक्रिया बंद कर दी गई। अब संचालनालय स्तर पर स्वामी आत्मानंद स्कूलों के लिए कुल 1,812 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसी कारण (Korba Teacher Vacancy) के तहत जिले के रिक्त पदों पर नियुक्तियों में देरी हो रही है।
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तीन सत्र से शिक्षक संकट
जिले में शिक्षकों की कमी पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों से बनी हुई है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर विद्यार्थी कलेक्टोरेट तक पहुंच चुके हैं। पसान में चक्काजाम भी किया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।
शिक्षा विभाग ने मई में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, लेकिन शासन स्तर पर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। अब भर्ती दोबारा आगे बढ़ रही है। परीक्षा और उसके बाद की प्रक्रियाओं में समय लगने से विद्यार्थियों को नियुक्तियों के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। लंबे समय से जारी यह स्थिति (Korba Teacher Vacancy) को लेकर सवाल खड़े कर रही है।
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40 शिक्षक दूसरे काम में
स्कूलों में शिक्षकों की कमी के बीच शिक्षा विभाग के 40 शिक्षकों को छात्रावासों और आश्रमों में संलग्न किया गया है। कोरबा जिले में कुल 186 आश्रम और छात्रावास संचालित हैं। इनमें अधीक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं, इसलिए शिक्षकों को अस्थायी रूप से यह जिम्मेदारी दी गई है। नियमित रूप से स्कूलों में नियुक्त इन शिक्षकों के दूसरे कार्यों में लगाए जाने से पढ़ाई पर असर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक ओर स्कूल शिक्षक के अभाव से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को अन्य जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। भर्ती प्रक्रिया और शिक्षकों की तैनाती से जुड़ा यह मुद्दा (Korba Teacher Vacancy) के समाधान को और महत्वपूर्ण बनाता है।
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