सीजी भास्कर, 1 जुलाई। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोरिया ट्रिपल मर्डर केस (Koriya Triple Murder Case) की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच को मंजूरी दे दी है। पीड़ित परिवार लंबे समय से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। इस सनसनीखेज मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
रेत तस्करी विवाद के बीच हुई थी तीन लोगों की हत्या
यह घटना 16 जून की रात कोरिया जिले के नौगई गांव में हुई थी। पुलिस के अनुसार, रेत तस्करी और अवैध वसूली को लेकर चल रहे विवाद के बीच हमलावरों ने एक फॉर्च्यूनर वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। वाहन में एक ही परिवार के पांच लोग सवार थे। आग में भाजपा नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह की जलकर मौत हो गई, जबकि लल्ला सिंह के भाई की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। घटना में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। कोरिया ट्रिपल मर्डर केस (Koriya Triple Murder Case) ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी।
मारपीट के बाद बढ़ा था विवाद
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, रेत खनन और कथित अवैध वसूली को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। इसी विवाद के बाद सुनियोजित तरीके से हमला किए जाने की बात सामने आई।
हूटर विवाद के बाद और बिगड़े हालात
जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले वाहन में हूटर लगाए जाने की शिकायत प्रशासन तक पहुंची थी। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और गहरा गया। घटना वाले दिन समझौते की बातचीत के लिए पहुंचे लोगों पर कथित तौर पर घात लगाकर हमला किया गया। पुलिस का मानना है कि कोरिया ट्रिपल मर्डर केस (Koriya Triple Murder Case) में पूरी साजिश पहले से रची गई थी।
अब सीबीआई करेगी पूरे नेटवर्क की जांच
मामले में पुलिस ने अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर घटनास्थल का पुनर्निर्माण कराया है और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब सीबीआई हत्या की साजिश, रेत तस्करी से जुड़े नेटवर्क, अवैध वसूली और अन्य सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी।
पीड़ित परिवार ने जताया संतोष, विपक्ष ने उठाए सवाल
सीबीआई जांच की मंजूरी मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने फैसले का स्वागत करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई है। वहीं विपक्ष ने प्रदेश में अवैध रेत खनन और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।



