सीजी भास्कर, 03 अगस्त। कोरबा जिले के एक गांव में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विरोध अब राजनीतिक रंग लेने (Liquor Shop) लगा है। ग्रामीणों और महिलाओं के लगातार प्रदर्शन के बीच सोमवार को माहौल और गरमा गया, जब पूर्व मंत्री भी आंदोलन में पहुंचे और मंच से खुलकर विरोध जताया। इस दौरान आबकारी विभाग के अधिकारी से उनकी फोन पर हुई बातचीत भी चर्चा का विषय बन गई।
गांव में बड़ी संख्या में लोग शराब दुकान के विरोध में एकजुट हैं। प्रदर्शन के बीच सरकार और विपक्ष आमने सामने दिखाई दे रहे हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि अभी किसी नई दुकान को लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

शराब दुकान के विरोध में ग्रामीणों के साथ पहुंचे पूर्व मंत्री Liquor Shop
जानकारी के अनुसार कोरबा जिले के ग्राम बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान के लिए आबकारी विभाग की टीम संभावित स्थल का निरीक्षण करने पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण और महिलाएं बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध बढ़ने पर विभागीय टीम को वापस लौटना पड़ा।
दो दिन बाद पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के समर्थन में कहा कि बरबसपुर में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने दी जाएगी और आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
अधिकारी से फोन पर जताई नाराजगी
धरने के दौरान पूर्व मंत्री ने आबकारी विभाग के अधिकारी से फोन पर बात की। उन्होंने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करने की बात कहते हुए गांव में प्रस्तावित शराब दुकान नहीं खोलने की मांग की। इस बातचीत का वीडियो भी सामने आया है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
आबकारी मंत्री ने दिया सरकार का पक्ष Liquor Shop
मामले पर आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि विभाग ने फिलहाल नई शराब दुकान खोलने का कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उनके मुताबिक अधिकारी केवल संभावित स्थान का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसे दुकान खोलने की मंजूरी नहीं माना जाना चाहिए।
आरोप प्रत्यारोप के बीच बढ़ी सियासी हलचल
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने राज्य सरकार और आबकारी विभाग पर अवैध शराब तथा अधिक कीमत पर बिक्री को लेकर भी सवाल (Liquor Shop) उठाए। वहीं ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे गांव में शराब दुकान का संचालन किसी भी स्थिति में नहीं होने देंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।


