सीजी भास्कर, 28 मई। महासमुंद जिले में एलपीजी गैस हेराफेरी मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज (LPG Scam) हो गई है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग में भी गतिविधियां बढ़ गई हैं। मामले को लेकर जिले में लगातार चर्चाएं हो रही थीं और लोग यह जानना चाह रहे थे कि आखिर करोड़ों के इस खेल के पीछे कौन लोग शामिल हैं। अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार बाप बेटे को महाराष्ट्र से पकड़ लिया है।
बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी लगातार शहर बदलकर छिपने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस की कई टीमें अलग अलग राज्यों में उनकी तलाश में जुटी थीं। आखिरकार तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में और भी बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
महाराष्ट्र के होटल में छिपे मिले आरोपी : LPG Scam
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उसका बेटा सार्थक सिंह ठाकुर महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक होटल में छिपकर रह रहे थे।
सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश दी गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी संतोष ठाकुर के पास से नकद रकम भी बरामद की है।
कई राज्यों में चल रही थी तलाश
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए अलग अलग टीमें बनाई गई थीं।
इन टीमों को रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर तक भेजा गया था। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा के डेटा की मदद से आरोपियों तक पहुंचा गया।
पूछताछ में सामने आई बड़ी बात
मुख्य आरोपी ने पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारी दी है। उसने बताया कि पूरे सौदे को लेकर बड़ी रकम (LPG Scam) तय हुई थी। आरोपी के मुताबिक पहले करोड़ों की मांग थी लेकिन बाद में कम रकम पर बात तय हुई। कुछ पैसे नगद दिए गए जबकि बाकी रकम ऑनलाइन सुरक्षा के तौर पर भेजी गई थी।
87 टन गैस की हेराफेरी का आरोप
पुलिस के अनुसार यह मामला एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि पांच ट्रकों में भरी करीब 87 टन गैस की हेराफेरी की गई थी। बताया गया कि इस गैस की कीमत करीब 77 लाख रुपये थी। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने कई धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
जिला खाद्य अधिकारी समेत कई आरोपी पहले गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। अब मुख्य आरोपी और उसके बेटे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि मामले में और भी कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।




