सीजी भास्कर 25 दिसंबर। केरल में मॉब लिंचिंग की घटना में जान गंवाने वाले रामनारायण बघेल का पार्थिव शरीर आज उनके गृह ग्राम करही पहुंचते ही पूरे गांव में शोक (Mob Lynching Victim India) की लहर दौड़ गई। जैसे ही शव गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं ग्रामीणों ने भी भारी मन से अंतिम दर्शन किए।
रामनारायण बघेल की अंतिम यात्रा में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सक्ती एसडीएम, तहसीलदार सहित स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। करही के मुक्तिधाम में पूरे विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
परिजनों के साथ खड़ा प्रशासन
इस मामले को लेकर केरल प्रशासन ने परिजनों की मांगों पर संवेदनशील (Mob Lynching Victim India) रुख अपनाया है। जानकारी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ मॉब लिंचिंग से जुड़ी गंभीर धाराओं के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषित की सहायता
इधर, छत्तीसगढ़ सरकार ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। परिजनों ने सरकार से मृतक के बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दिए जाने की भी मांग की है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि सभी मांगों पर नियमों के तहत सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
गांव में शोक और आक्रोश
रामनारायण बघेल की मौत के बाद करही गांव में शोक (Mob Lynching Victim India) के साथ-साथ आक्रोश का माहौल भी है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं मानवता को शर्मसार करने वाली हैं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पूरा गांव आज एक बेटे, एक पिता और एक मेहनतकश मजदूर के असमय चले जाने का दर्द महसूस कर रहा है।



