सीजी भास्कर, 19 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को सुनने के बाद सीएम साय ने मीडिया से रूबरू होते हुए विपक्ष के रवैये पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इस अधिनियम की राह में रोड़े अटकाकर विपक्षी (Nari Shakti Vandan Act Controversy) को जन्म देने वाले दलों ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है, जिसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा।
70 करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात
मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके सहित पूरे ‘इंडी’ गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि इन दलों ने मिलकर नारी सशक्तिकरण के एक ऐतिहासिक अवसर को कुचलने का प्रयास किया है। उन्होंने इसे राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि “घोर महापाप” की संज्ञा दी। सीएम के अनुसार, इस (Nari Shakti Vandan Act Controversy) के पीछे विपक्ष की वह मानसिकता छिपी है, जो महिलाओं को कभी निर्णयकर्ता की भूमिका में नहीं देखना चाहती। उन्होंने कहा कि देश की 70 करोड़ माताएं और बहनें इस अपमान का जवाब आने वाले समय में जरूर देंगी।
भ्रूण हत्या जैसा निंदनीय कृत्य है विरोध
विपक्ष की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने अधिनियम को रोकने की कोशिशों की तुलना ‘भ्रूण हत्या’ जैसे घृणित पाप से कर दी। सीएम साय ने कहा कि जब भी देश में कोई सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश होती है, कांग्रेस और उसके सहयोगी दल उसमें बाधा डालते हैं। यह (Nari Shakti Vandan Act Controversy) इस बात का प्रमाण है कि विपक्ष आज भी अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चल रहा है, जहाँ सिर्फ वादे किए जाते हैं लेकिन काम के वक्त पीठ दिखा दी जाती है।
होकर रहेगा अधिकार का फैसला
मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हवाला देते हुए महिलाओं को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे कितनी भी साजिशें रच ले, महिलाओं के मान-सम्मान और हक की रक्षा के लिए यह विधेयक भविष्य में अवश्य पारित होकर रहेगा। इस (Nari Shakti Vandan Act Controversy) के बीच प्रधानमंत्री का संकल्प देश की नारी शक्ति के प्रति भाजपा सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
नारी सशक्तिकरण के लिए एकजुट सरकार
इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महापौर मीनल चौबे समेत कई महिला जनप्रतिनिधि उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता अब विपक्ष की इन चालों को समझ चुकी है और सशक्तिकरण की इस यात्रा को कोई रोक नहीं पाएगा।


