सीजी भास्कर, 21 अगस्त : छत्तीसगढ़ में प्याज की कीमतों (Onion Price Hike) में अचानक तेजी देखने को मिल रही है। चार दिन पहले थोक बाजार में 25 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब 40 से 45 रुपये किलो तक पहुंच गया है। वहीं चिल्लर बाजार में इसकी कीमत 50 रुपये किलो तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र से आवक घटने और दक्षिण भारत में मांग बढ़ने को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

नासिक-अहमदनगर से घट गई आवक Onion Price Hike
स्थानीय गर्मी की फसल खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ की प्याज जरूरत मुख्य रूप से महाराष्ट्र से आने वाली खेप पर निर्भर है। प्रदेश की कुल जरूरत का करीब 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय गर्मी की फसल से पूरा होता है, लेकिन अब यह फसल खत्म हो चुकी है।
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ऐसे में नासिक और अहमदनगर से आने वाली प्याज की आवक कम होने से बाजार में उपलब्धता प्रभावित हुई है। व्यापारियों के मुताबिक महाराष्ट्र से पर्याप्त मात्रा में प्याज नहीं आने के कारण थोक बाजार में कीमत तेजी से बढ़ी है।
चार दिन में 20 रुपये की तेजी
प्याज की कीमतों (Onion Price Hike) में बीते चार दिनों के दौरान करीब 20 रुपये प्रति किलो की तेजी आई है। चार दिन पहले थोक भाव करीब 25 रुपये किलो था। इसके बाद हर दिन लगभग पांच रुपये किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई और अब थोक बाजार में भाव 40 से 45 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
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चिल्लर बाजार में प्याज 50 रुपये किलो तक बिक रहा है। इससे पहले लंबे समय तक चिल्लर बाजार में प्याज का भाव करीब 30 से 35 रुपये किलो के आसपास बना हुआ था। अचानक आई तेजी का असर अब घरेलू बजट पर भी पड़ने लगा है।
दक्षिण भारत में त्योहारों से बढ़ी मांग
व्यापारियों के अनुसार दक्षिण भारत में त्योहारों के कारण प्याज की मांग बढ़ी है। आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में इस समय प्याज की अधिक जरूरत है। महाराष्ट्र से इन राज्यों की ओर भी बड़ी मात्रा में प्याज भेजी जा रही है।
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दक्षिण भारत में बढ़ी मांग का सीधा असर छत्तीसगढ़ आने वाली प्याज की आवक पर पड़ा है। स्थानीय फसल खत्म होने के बाद महाराष्ट्र पर निर्भरता बढ़ गई है। ऐसे में महाराष्ट्र की कम आवक और दक्षिण के राज्यों में बढ़ी मांग ने बाजार में प्याज के दाम बढ़ा दिए हैं।
फिलहाल बहुत ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं
व्यापारियों का कहना है कि बीते तीन वर्षों में अगस्त के इस दौर में प्याज की कीमतों में इतनी तेज वृद्धि पहली बार देखने को मिल रही है। हालांकि बाजार में प्याज का उठाव कम होने लगा है। ऐसे में व्यापारियों को फिलहाल बहुत ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र से आवक की स्थिति के आधार पर कीमतों की दिशा तय होगी।
फैक्ट फाइल
25 रुपये किलो — चार दिन पहले थोक भाव
40-45 रुपये किलो — वर्तमान थोक भाव
50 रुपये किलो — चिल्लर बाजार में कीमत
20-25 प्रतिशत — प्रदेश की जरूरत में स्थानीय गर्मी की फसल की हिस्सेदारी
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क्या कहते हैं व्यापारी
स्थानीय फसल खत्म होने के बाद महाराष्ट्र की आवक पर निर्भरता बढ़ गई है। नासिक और अहमदनगर से इस समय जितनी आवक होनी चाहिए, उतनी नहीं आ रही है। दक्षिण भारत में त्योहारों के कारण मांग बढ़ी है, जिससे वहां भी प्याज की सप्लाई ज्यादा हो रही है। इसी वजह से दाम बढ़ रहे हैं।
टी श्रीनिवास रेड्डी, अध्यक्ष, श्रीराम थोक सब्जी मंडी विक्रेता समिति, रायपुर
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