सीजी भास्कर, 24 अगस्त। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर सियासी टकराव अब खुली बहस की चुनौती (PM Awas Yojana) तक पहुंच गया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की चुनौती को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वीकार करते हुए साफ कहा कि उन्हें बहस मंजूर है और अब केवल समय व स्थान तय किया जाना बाकी है।
पीएम आवास योजना को लेकर दोनों नेताओं के बीच आंकड़ों की अलग-अलग व्याख्या ने राजनीति गरमा दी है। भूपेश बघेल ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाए, जबकि विजय शर्मा पहले ही दावा कर चुके हैं कि सरकार इस मुद्दे पर किसी भी मंच पर खुली बहस के लिए तैयार है।

विजय शर्मा ने दी थी खुली बहस की चुनौती PM Awas Yojana
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने PM Awas Yojana के आंकड़े सामने रखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने और उनके निर्माण का निर्णय लिया गया था।
विजय शर्मा के मुताबिक, सरकार बनने के बाद अब तक पीएम आवास योजना ग्रामीण के 11 लाख से अधिक मकान पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं तो सरकार किसी भी मंच पर बहस करने के लिए तैयार है।
बघेल बोले- चुनौती मंजूर है
विजय शर्मा की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें बहस की चुनौती मंजूर है। उन्होंने कहा कि समय और जगह तय कर ली जाए, वे पीएम आवास योजना के मुद्दे पर चर्चा और बहस के लिए तैयार हैं।
बघेल ने सरकार की ओर से बताए जा रहे आवासों के आंकड़ों में अंतर होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में 18 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत होने की बात कही गई है, जबकि संसद में अलग आंकड़े सामने रखे गए हैं।
आवासों के आंकड़ों पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि अलग-अलग मंचों पर आवासों की संख्या को लेकर अलग आंकड़े क्यों सामने आ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों का सही आंकड़ा कौन सा है।
बघेल का दावा है कि प्रदेश में 11 लाख से अधिक आवास पहले ही पूरे हो चुके थे। उन्होंने कहा कि इनमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके कार्यकाल के दौरान बने आवास भी शामिल हैं।
अपने कार्यकाल का भी दिया हिसाब
भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बिलासपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान करीब 7 लाख आवास स्वीकृत कराए गए थे। उन्होंने 45 हजार ऐसे आवासों का भी उल्लेख किया, जो सर्वे में शामिल नहीं थे और बाद में उन्हें स्वीकृति दी गई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कुल 18 लाख 45 हजार आवास उनके कार्यकाल में ही स्वीकृत हो चुके थे। उन्होंने मौजूदा सरकार से पूछा कि सत्ता में आने के बाद अब तक कितने नए आवास स्वीकृत किए गए और उनमें से कितने पूरे हो चुके हैं।
बहस के बाद और तेज हो सकती है सियासत
खुली बहस की चुनौती स्वीकार होने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोनों नेताओं के बीच बहस के लिए समय और स्थान कब तय होता है। पीएम आवास योजना के आंकड़ों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की सियासत को और गर्मा सकता है।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने आंकड़ों और दावों पर कायम हैं। ऐसे में अगर खुली बहस होती है तो प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर स्वीकृतियों, निर्माण और पूरे हुए मकानों के आंकड़ों पर सीधा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल सकता है।




