सीजी भास्कर, 27 सितंबर : लगातार बारिश के बाद प्रदेश में कई सड़कें और पुल-पुलियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अब इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जहां मामूली नुकसान है, वहां तत्काल मरम्मत कराकर आवागमन शुरू कराया जाएगा। वहीं ज्यादा क्षति वाले हिस्सों के लिए पुनर्निर्माण और विशेष मरम्मत की प्रक्रिया तेज होगी। क्षतिग्रस्त सड़कें और पुल (PWD Road Repair) जल्द सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाने पर विभाग का जोर है।
यह भी पढ़ें : Ganesh Jhanki Traffic Diversion : शाम 6 बजे से राजधानी में डायवर्सन, कई सड़कें रहेंगी बंद
तत्काल शुरू होगा काम
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश से क्षतिग्रस्त मार्गों और पुल-पुलियों की मरम्मत में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। जहां तत्काल सुधार संभव है, वहां संबंधित एजेंसी और ठेकेदार को काम पर लगाकर यातायात शुरू कराया जाएगा। सड़क-पुलों की तत्काल मरम्मत (PWD Road Repair) के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
यह भी पढ़ें : Dongargarh Youth Death : पानी टंकी के नीचे युवक का शव लटका मिला, मौत की वजह पर रहस्य
हर नुकसान का रिकॉर्ड
24 से 26 सितंबर तक हुई लगातार बारिश से नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बनी। कई जगह पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहा। पानी उतरने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों का आकलन शुरू किया जाएगा। क्षतिग्रस्त मार्गों का आकलन (PWD Road Repair) फोटो और वीडियो के जरिए कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने मुख्य अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता तक सभी मैदानी अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यह भी पढ़ें : Kanker Leopard Attack : रिहायशी इलाके में घुसा तेंदुआ, कुत्ते का किया शिकार, CCTV में कैद
10 दिन में प्रस्ताव
जिन सड़कों या पुल-पुलियों की मरम्मत मौजूदा अनुबंध के दायरे में संभव है, वहां संबंधित एजेंसी या ठेकेदार से तुरंत काम कराया जाएगा। वहीं ज्यादा क्षति वाले हिस्सों के लिए पुनर्निर्माण या विशेष मरम्मत के प्राक्कलन सक्षम अधिकारी को 10 दिनों के भीतर भेजने होंगे। पुनर्निर्माण प्रस्तावों की तैयारी (PWD Road Repair) भी प्राथमिकता से की जाएगी।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Rain Alert : बारिश से थोड़ी राहत, फिर भी उफान पर नदियां, 3 की मौत, हेलीकाप्टर से रेस्क्यू जारी
स्थायी सुधार पर जोर
विभाग ने साफ किया है कि बाढ़ और बारिश से हुई क्षति की मरम्मत केवल अस्थायी तरीके से नहीं की जाएगी। जरूरत के अनुसार टो-वॉल और कांक्रीट रोड निर्माण के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे। पुलों में क्षतिग्रस्त वियरिंग कांक्रीट, रेलिंग और अन्य हिस्सों की मरम्मत भी तेजी से कराई जाएगी। सड़क-पुलों का स्थायी सुधार (PWD Road Repair) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भी पढ़ें : Har Ghar Munga Abhiyan : ‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ का ‘हर घर मुनगा–घर-घर मुनगा’ अभियान
15 दिन में स्वीकृति
सड़क और पुलों की विशेष मरम्मत के लिए सक्षम अधिकारियों को एस/आर (एफडीआर) की स्वीकृति प्राथमिकता से जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 15 दिनों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने तथा राशि के आवंटन की उपलब्धता के लिए परिक्षेत्रवार जानकारी प्रमुख अभियंता कार्यालय को भेजने को कहा गया है।
विभाग ने जरूरत पड़ने पर एस/आर मद में जोनल एजेंसी निर्धारित करने संबंधी प्रस्ताव भी तत्काल भेजने को कहा है। उद्देश्य यही है कि बारिश के बाद किसी भी क्षतिग्रस्त सड़क या पुल के कारण लोगों की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित न हो।



