सीजी भास्कर, 26 सितम्बर। कोरबा में एसईसीएल की मानिकपुर खदान के विस्तार को लेकर पर्यावरण जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधि और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी पहुंचे। इस दौरान खदान विस्तार से पहले इलाके की पुरानी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई गई। (Manikpur Mine Expansion Protest)
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने कहा कि जब तक पहले से लंबित मामलों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक खदान विस्तार की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़नी चाहिए। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने भू-विस्थापितों के लंबित मुआवजा और पुनर्वास मामलों को प्राथमिकता से निपटाने की मांग रखी। उन्होंने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की बात भी कही।
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प्रदूषण और कोयला परिवहन का मुद्दा : Manikpur Mine Expansion Protest
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने खदान संचालन से होने वाले प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला परिवहन करने वाले कई वाहन बिना त्रिपाल के चलते हैं, जिससे सड़क और आसपास के इलाकों में धूल फैलती है।
लोगों ने मांग की कि कोयला परिवहन में इस्तेमाल होने वाले सभी वाहनों को पूरी तरह त्रिपाल से ढकना अनिवार्य किया जाए। साथ ही धूल और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों ने खदान विस्तार से पहले वायु, जल, ध्वनि और धूल प्रदूषण की वैज्ञानिक एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि प्रभावित क्षेत्र के लोगों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
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मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा
जनसुनवाई में खदान क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे। ग्रामीणों ने कहा कि इलाके में पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और बेहतर अस्पताल की सुविधा विकसित करने की मांग की।
इसके अलावा स्थानीय लोगों की शिकायतों के समयबद्ध समाधान (Manikpur Mine Expansion Protest ) के लिए पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने की मांग भी रखी गई।
जनसुनवाई में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि भू-विस्थापितों के लंबित मुआवजे और पुनर्वास, स्थानीय रोजगार, मजदूरों की सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाने के बाद ही खदान विस्तार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
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