सीजी भास्कर, 2 जून। रायपुर ग्रामीण पुलिस की अनुशंसा पर जिला प्रशासन ने आदतन अपराधी आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे 6 महीने के लिए 6 जिलों से जिला बदर कर दिया है। आरोपी पर हत्या, लूट, दुष्कर्म, अपहरण और एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। (Raipur’s history sheeter expelled from the district)
कलेक्टर गौरव सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक आरोपी को रायपुर, दुर्ग, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों की सीमा से बाहर रहना होगा।
7 दिन में छोड़नी होगी जिला सीमा : Raipur’s history sheeter expelled from the district
पुलिस के अनुसार, गोबरा नवापारा निवासी आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर को आदेश जारी होने के सात दिनों के भीतर प्रतिबंधित जिलों की सीमा छोड़नी होगी। अगले छह महीने तक वह इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
यदि किसी आवश्यक कार्य के लिए उसे इन जिलों में आना होगा, तो पहले अदालत या जिला प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने आदेश उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
आरोपी पर दर्ज हैं 49 आपराधिक मामले
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 49 मामले दर्ज हैं।
इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट, अवैध वसूली, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, जुआ अधिनियम और आबकारी अधिनियम से जुड़े अपराध शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में लगातार कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी।
रायपुर ग्रामीण एसपी की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई : Raipur’s history sheeter expelled from the district
रायपुर ग्रामीण एसपी स्वेता सिन्हा श्रीवास्तव ने आरोपी के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा था। पुलिस का कहना है कि कई मामलों में कार्रवाई के बावजूद आरोपी के व्यवहार में सुधार नहीं आया।
जिला प्रशासन ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए आदेश जारी किया। अधिकारियों ने बताया कि जिला बदर आदेश के पालन की लगातार निगरानी की जाएगी।
यदि आरोपी प्रतिबंधित जिलों की सीमा में पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आदतन अपराधियों पर नियंत्रण के उद्देश्य से उठाया गया है।




