सीजी भास्कर, 16 सितम्बर। गांव के एक साधारण से खेत में किसान को ऐसा जीव दिखाई दिया जिसने सभी को हैरान कर दिया। चमकीले रंग के इस सांप (Rare Snake Sighting) की पहचान कर पाना आसान नहीं था। वन्यजीव विशेषज्ञ पहुंचे तो पता चला कि मामला बेहद दुर्लभ प्रजाति से जुड़ा है।
हरियाणा के पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे महोफ क्षेत्र में एक खेत के चारों ओर लगाए गए जाल में दुर्लभ रेड कोरल कुकरी सांप फंस गया। किसान ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। टीम मौके पर पहुंची और सावधानी से सांप को बाहर निकालकर जंगल में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, यह सांप (Rare Snake Sighting) विषैला नहीं होता और केवल रात में सक्रिय रहता है। इसका लाल-नारंगी रंग इसे अलग पहचान देता है। भारत में इसे पहली बार वर्ष 1936 में दुधवा नेशनल पार्क में देखा गया था। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची चार में सूचीबद्ध है।
वन्यजीव विशेषज्ञ मोहम्मद कासिम ने बताया कि टाइगर रिजर्व में इस सांप का यह पहला रिकॉर्ड है। नुकीले दांतों और खास रंग के कारण इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की मौजूदगी से रिजर्व की जैव विविधता और समृद्ध होती है।
स्थानीय किसानों ने बताया कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण खेतों में पानी भर गया था। ऐसे में सांपों का रिहायशी इलाकों तक आना संभव हो गया। जाल में फंसे इस सांप को देखकर गांव के लोग भी पहले डर गए थे, लेकिन बाद में इसकी दुर्लभता जानकर उत्साहित हो गए।
टाइगर रिजर्व शारदा और सुहेली नदियों के किनारे फैला हुआ है। यहां पहले से सांपों (Rare Snake Sighting) की 16 प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और संरक्षण प्रयासों को और मजबूती देगी।



