सीजी भास्कर, 08 जून। छत्तीसगढ़ के लिए सोमवार का दिन गौरव और सम्मान से भरा रहने (Shaurya Chakra) वाला है। राज्य के तीन बहादुर जवानों को उनके साहसिक कार्यों के लिए देश के प्रतिष्ठित वीरता सम्मान से नवाजा जाएगा। जैसे ही यह खबर उनके गृह क्षेत्रों तक पहुंची, लोगों में खुशी और गर्व का माहौल बन गया।
देश की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए कठिन परिस्थितियों में डटकर मुकाबला करने वाले इन जांबाजों की बहादुरी को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। यह सम्मान न केवल इन अधिकारियों और जवानों के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित : Shaurya Chakra
नई दिल्ली में आयोजित विशेष समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीनों वीर जवानों को शौर्य चक्र प्रदान करेंगी। सम्मान पाने वालों में असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू, पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख शामिल हैं। इन तीनों ने अलग अलग अभियानों में असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है।
गोली लगने के बाद भी नहीं छोड़ा मोर्चा
बालोद जिले के ढोर्रीठेमा गांव के निवासी भोजराम साहू ने मणिपुर में आतंकियों के खिलाफ अभियान के दौरान अद्भुत वीरता दिखाई थी। नवंबर 2024 में एक अभियान के दौरान सुरक्षा बलों का सामना आतंकियों से हुआ। मुठभेड़ में घायल होने के बावजूद उन्होंने जवाबी कार्रवाई जारी रखी। उनकी बहादुरी और दृढ़ता के चलते सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली और आतंकियों की योजना नाकाम हो गई।
नक्सल मोर्चे पर दिखाई बहादुरी
पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दोनों अधिकारियों ने कई चुनौतीपूर्ण अभियानों में सुरक्षा बलों का नेतृत्व किया और कठिन परिस्थितियों में भी पीछे नहीं हटे। दुर्गम जंगलों में चलाए गए कई अभियानों में उनकी रणनीति और नेतृत्व क्षमता की सराहना की गई है।
बड़े अभियान से मिली विशेष पहचान
अप्रैल 2024 में कांकेर जिले के जंगलों में चलाए गए एक बड़े अभियान में दोनों अधिकारियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर जिम्मेदारी संभाली थी। इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियानों की बड़ी सफलता माना जाता है। इस अभियान के बाद दोनों अधिकारियों की कार्यशैली और नेतृत्व की व्यापक चर्चा हुई थी।
पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख को उनकी सेवाओं और बहादुरी के लिए पहले भी कई महत्वपूर्ण सम्मान (Shaurya Chakra) मिल चुके हैं। सुरक्षा अभियानों में लगातार बेहतर प्रदर्शन के कारण दोनों अधिकारियों की अलग पहचान बनी है। अब शौर्य चक्र से सम्मानित होने के साथ उनके करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है।
लोगों का विश्वास जीतना सबसे बड़ी सफलता
लक्ष्मण केवट का कहना है कि सुरक्षा अभियान केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं होते। उनका उद्देश्य प्रभावित इलाकों में शांति स्थापित करना और लोगों का भरोसा मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में सामान्य जीवन लौटता है और लोग सुरक्षित महसूस करते हैं, वही सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।
पूरे प्रदेश के लिए गर्व का अवसर
छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए यह सम्मान विशेष महत्व रखता है। अधिकारियों का मानना है कि इससे जवानों का मनोबल बढ़ेगा और देश सेवा के प्रति समर्पण और मजबूत (Shaurya Chakra) होगा। तीनों जांबाजों को मिलने वाला यह सम्मान उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण की बड़ी पहचान माना जा रहा है।



