सीजी भास्कर, 13 जून। दुर्ग जिले में छोटे नोटों और सिक्कों की कमी को लेकर फुटकर व्यापारियों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच भी बड़ी संख्या में ग्राहक नकद लेनदेन करते हैं, जिससे चिल्लर की कमी उनके कारोबार पर असर डाल रही है। इस संबंध में व्यापारियों ने जनदर्शन में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की है। (Shortage of small change in Durg’s markets)
छोटे व्यापारियों के सामने बढ़ी चुनौती : Shortage of small change in Durg’s markets
फुटकर सब्जी विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों का कहना है कि उनका अधिकांश व्यापार छोटे लेनदेन पर आधारित है। ग्राहक अक्सर बड़े नोट देकर खरीदारी करते हैं, लेकिन बाजार में छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध नहीं होने से उन्हें लेनदेन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों के अनुसार, लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, जिससे रोजमर्रा का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
बैंकों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने की शिकायत
व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि बैंकों की ओर से उन्हें सीधे छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि चिल्लर राशि व्यापारिक संगठनों को दी जाती है, जबकि फुटकर विक्रेताओं तक इसकी पर्याप्त पहुंच नहीं बन पाती। ऐसे में नकद भुगतान करने वाले ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
हर महीने चिल्लर उपलब्ध कराने की मांग : Shortage of small change in Durg’s markets
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि फुटकर विक्रेताओं के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाए और बैंकों के माध्यम से नियमित रूप से छोटे नोट एवं सिक्के उपलब्ध कराए जाएं। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के बावजूद नकद लेनदेन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में बाजार में चिल्लर की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकें।




