सीजी भास्कर, 15 जुलाई : पंजाब कांग्रेस में जारी संगठनात्मक खींचतान के बीच पार्टी हाईकमान (Punjab Congress Crisis) ने पंजाब प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दिल्ली तलब किया है। वरिष्ठ नेताओं के साथ होने वाली बैठक में पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद, गुटबाजी और संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर मंथन होगा।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी (Punjab Congress Crisis) भी अपनी नाराजगी पार्टी नेतृत्व के सामने रख सकते हैं। माना जा रहा है कि वे पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात और प्रदेश प्रभारी के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखेंगे। ऐसे में यह बैठक पंजाब कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भूपेश बघेल पिछले कई दिनों से चंडीगढ़ में डेरा डालकर कांग्रेस नेताओं से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। उनका प्रयास अलग-अलग गुटों के बीच मतभेद खत्म कर संगठन में एकजुटता कायम करना है। हालांकि अब तक सभी पक्षों के बीच पूरी सहमति नहीं बन सकी है।
Punjab Congress Crisis चन्नी ने रखी थीं बैठक से पहले शर्तें
जानकारी के अनुसार, चरणजीत सिंह चन्नी ने भूपेश बघेल (Punjab Congress Crisis) से मुलाकात से पहले कुछ शर्तें भी रखी थीं। उन्होंने बैठक कांग्रेस भवन के बजाय किसी अन्य स्थान पर कराने और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की अनुपस्थिति की बात कही थी। इसके अलावा प्रतिनिधियों के माध्यम से बातचीत का प्रस्ताव भी दिया गया था।
राजा वड़िंग पर कायम है हाईकमान का भरोसा
पंजाब दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बने रहेंगे। वहीं चन्नी गुट के नेताओं से संवाद जारी रखने की कोशिश भी की जा रही है। हाल ही में पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक का भूपेश बघेल के डिनर कार्यक्रम में शामिल होना भी दोनों गुटों के बीच संवाद की पहल माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि पंजाब कांग्रेस का आंतरिक विवाद जल्द नहीं सुलझा तो इसका असर आगामी संगठनात्मक तैयारियों पर पड़ सकता है। ऐसे में दिल्ली में होने वाली हाईकमान की बैठक से पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को सुलझाने और संगठन को एकजुट करने की दिशा में अहम फैसलों की उम्मीद है।



