सीजी भास्कर, 09 जुलाई : बस्तर के दरभा वन क्षेत्र के कुरंदी गांव में करीब 10 साल बाद एक बार फिर बाघ (Tiger Alert ) की मौजूदगी की आशंका से इलाके में दहशत का माहौल है। खेतों और जंगल की सीमा पर बड़े आकार के ताजा पगमार्क मिलने के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग की विशेष ट्रैकिंग टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, जबकि ट्रैप कैमरों और वैज्ञानिक जांच के जरिए वन्यजीव की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
इससे पहले केकरा-चेरबेहार क्षेत्र में भी किसी बड़े वन्यजीव की गतिविधियां दर्ज की गई थीं। अब आशंका जताई जा रही है कि वही वन्यजीव कुरंदी क्षेत्र तक पहुंचा हो सकता है।
ग्रामीणों में बढ़ी सतर्कता
ग्रामीणों के अनुसार खेतों से लगे जंगल में बड़े आकार के ताजा पंजों के निशान दिखाई दिए हैं। निशान स्पष्ट होने के कारण लोगों ने इसे बाघ (Tiger Alert ) की मौजूदगी का संकेत माना है। इसके बाद गांव के लोगों ने शाम के बाद जंगल और खेतों की ओर जाना कम कर दिया है। मवेशियों को भी खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित बाड़ों में बांधा जा रहा है।
10 साल पहले भी दर्ज हुई थी बाघ की मौजूदगी
वन विभाग के अनुसार कुरंदी वही इलाका है, जहां लगभग एक दशक पहले भी बाघ देखा गया था। उस दौरान एक ग्रामीण पर हमले की घटना भी सामने आई थी। अब दोबारा बड़े पगमार्क मिलने से विभाग ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
वैज्ञानिक जांच से होगी पुष्टि Tiger Alert
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि मिले पगमार्क बाघ के ही हैं। बारिश के मौसम में मिट्टी नरम होने और पानी भरने से पंजों के निशानों का आकार बदल सकता है। इसलिए केवल पगमार्क के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
विशेष टीम पगमार्क का प्लास्टर कास्ट तैयार कर वैज्ञानिक परीक्षण करा रही है। साथ ही संभावित मार्गों और वन्यजीवों की आवाजाही वाले स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।
5 से ज्यादा ट्रैकिंग टीमें सर्च में जुटीं
वन विभाग के मुताबिक पांच से अधिक विशेष ट्रैकिंग टीमें लगातार जंगल में गश्त कर रही हैं। रेंज अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों की नियमित निगरानी और ट्रैप कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल किसी कैमरे में बाघ की स्पष्ट तस्वीर या वीडियो कैद नहीं हुआ है।
ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल में न जाएं, बच्चों पर विशेष नजर रखें और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखें। किसी भी संदिग्ध वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है।



