सीजी भास्कर, 8 सितंबर : बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से एक अति-जोखिम वाली गर्भवती महिला (Triple Baby Birth Balrampur) की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। पहाड़ी कोरवा महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया। समय पर स्वास्थ्य अमले की सक्रियता और बेहतर समन्वय से मां और तीनों नवजातों की जान सुरक्षित रही।
मामला राजपुर विकासखंड का है, जहां पहाड़ी कोरवा समुदाय की गर्भवती बसंती को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। महिला जिला अस्पताल अंबिकापुर से बिना उपचार कराए अपने गांव लौट आई थी। इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला सक्रिय हुआ और प्रसव के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गईं। यह पूरा मामला तीन बच्चों का जन्म (Triple Baby Birth Balrampur) होने के कारण खास बन गया है।
अति-जोखिम वाली गर्भवती महिला की थी पहचान
बसंती की गर्भावस्था को अति-जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया था। जिला अस्पताल से लौटने की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिन के माध्यम से महिला की स्थिति पर नजर रखी गई।
जरूरत के अनुसार 102 एंबुलेंस टीम को सक्रिय किया गया। स्वास्थ्य अमले और अस्पताल के चिकित्सकों के बीच लगातार समन्वय बनाया गया। समय पर लिए गए इस निर्णय से तीन बच्चों का जन्म (Triple Baby Birth Balrampur) सुरक्षित तरीके से कराने में मदद मिली।
मितानिन, एंबुलेंस और डॉक्टरों ने मिलकर संभाला मोर्चा
महिला को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने में स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले, मितानिन, 102 एंबुलेंस टीम और अस्पताल के डॉक्टरों ने मिलकर काम किया। सभी स्तरों पर त्वरित कार्रवाई के चलते महिला को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा मिल सकी।
चिकित्सकीय देखरेख में बसंती ने तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और तीनों नवजातों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। फिलहाल चारों की स्थिति स्वस्थ बताई गई है। यह मामला तीन बच्चों का जन्म (Triple Baby Birth Balrampur) कराने में स्वास्थ्य सेवाओं के त्वरित समन्वय का उदाहरण बना है।
यह भी पढ़ें…Raigarh Medical College Tumor Surgery : महिला के पेट से निकला 8 किलो का विशाल ट्यूमर
अति-जोखिम वाली गर्भावस्था में समय पर रेफरल जरूरी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि अति-जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान बेहद जरूरी है। ऐसी महिलाओं की नियमित निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेफरल से गंभीर स्थिति को टाला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व की सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। इस मामले में सजग स्वास्थ्य अमले, त्वरित एंबुलेंस सेवा और मैदानी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल की उन्होंने सराहना की।
मां और तीनों बच्चे चिकित्सकों की निगरानी में
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल बसंती और तीनों नवजात स्वस्थ हैं। चिकित्सकों की निगरानी में उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। दूरस्थ क्षेत्र में अति-जोखिम वाली गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने से सुरक्षित प्रसव संभव हो सका।
स्वास्थ्य विभाग की इस तत्परता ने तीन बच्चों का जन्म (Triple Baby Birth Balrampur) कराने के साथ यह भी दिखाया कि समय पर पहचान, रेफरल और चिकित्सकीय समन्वय से दूरस्थ इलाकों में भी सुरक्षित मातृत्व की व्यवस्था मजबूत की जा सकती है।
खबरें और भी हैं : Korba Hostel Warden : छात्राओं की शिकायत पर अधीक्षिका शारदा नेताम निलंबित




