सीजी भास्कर 23 अप्रैल
छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के आचरण नियमों को लेकर पहले सख्त निर्देश जारी किए, लेकिन अब इन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत जारी पूर्व आदेश को स्थगित करते हुए सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को इसकी जानकारी दी है।
21 अप्रैल को जारी हुए थे सख्त निर्देश
21 अप्रैल को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया था कि कोई भी शासकीय सेवक किसी राजनीतिक दल या संगठन का सदस्य नहीं बनेगा और न ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी राजनीतिक गतिविधि में शामिल होगा। इसके अलावा, बिना अनुमति किसी संस्था, समिति या संगठन में पद धारण करने पर भी रोक लगाई गई थी।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की दी गई थी चेतावनी
सरकार ने यह भी कहा था कि कोई भी कर्मचारी ऐसी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करेगा, जिससे उसकी निष्पक्षता प्रभावित हो। नियमों के उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
22 अप्रैल को आदेश पर लगाई गई रोक
हालांकि, 22 अप्रैल 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग ने नया आदेश जारी कर 21 अप्रैल के निर्देशों को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया। उप सचिव अंशिका पांडेय द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि पूर्व निर्देश फिलहाल प्रभावी नहीं रहेंगे, जिससे इन नियमों के तहत कार्रवाई भी रोक दी गई है।
कर्मचारी संगठनों के विरोध के बाद फैसला
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने इस आदेश का विरोध किया था। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा का कहना है कि कर्मचारी संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार के सामने रखते हैं और ऐसा आदेश इस व्यवस्था के खिलाफ था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद सरकार ने अपने फैसले पर रोक लगा दी।


