सीजी भास्कर, 27 अगस्त : नवा रायपुर अब एक नए आकर्षण का गवाह बनेगा। यहां विश्वस्तरीय फिश एक्वेरियम हाउस (World Class Fish Aquarium House) के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। मछलीपालन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाई है। विभागीय अधिकारियों की टीम जल्द ही चंडीगढ़, गुजरात और अन्य राज्यों का दौरा कर वहां के मॉडल का अध्ययन करेगी, जिसके आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होगी।
पशुधन व मछलीपालन मंत्री रामविचार नेताम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह प्रोजेक्ट प्रदेश के पर्यटन और मत्स्य पालन दोनों क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में बनने वाला विश्वस्तरीय फिश एक्वेरियम हाउस (World Class Fish Aquarium House) न सिर्फ मछली प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित करेगा बल्कि यहां मत्स्य विज्ञान, शोध और प्रशिक्षण की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।
इसी के साथ, प्रदेश के सभी जिलों में दो-दो फिश प्रदर्शन तालाब बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए तालाबों के चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन प्रदर्शन तालाबों में विभिन्न किस्म की मछलियों को प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि आम जनता और मत्स्य पालक दोनों इससे लाभान्वित हो सकें।
छत्तीसगढ़ पहले से ही मत्स्य पालन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। बस्तर का झींगा पालन राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। राज्य सरकार नीलक्रांति योजना को बढ़ावा देने, फिनफिश हैचरीज की स्थापना, मत्स्य बीज उत्पादन, नवीन तालाब निर्माण, केज कल्चर और पंगेसियस व तेलपिया कल्चर के विकास पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वस्तरीय फिश एक्वेरियम हाउस (World Class Fish Aquarium House) के निर्माण से न केवल छत्तीसगढ़ का पर्यटन सशक्त होगा बल्कि मत्स्य किसानों की आय में भी अभूतपूर्व वृद्धि होगी।