छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्टेट टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति के लिए 2021-22 में आयोजित विभागीय भर्ती परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया है। परीक्षा और इसके आधार पर जारी नियुक्तियों को निरस्त करने के खिलाफ दायर याचिकाएं कोर्ट ने खारिज कर दी हैं। जस्टिस बीडी गुरु की पीठ ने नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर जल्द पूरी करने का निर्देश भी दिया है।
यह परीक्षा वाणिज्यिक कर विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के रूप में आयोजित की गई थी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को स्टेट टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया था। बाद में परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें मिलने पर राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर रद्द हुई थी भर्ती
जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने 11 सितंबर 2026 को भर्ती परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसे चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि भर्ती रद्द करने से चयनित कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार के फैसले को अवैधानिक बताते हुए निरस्त करने की मांग की थी।
उत्तरपुस्तिकाओं में मिलीं गंभीर गड़बड़ियां
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जांच रिपोर्ट पेश की गई। इसमें परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी कई अनियमितताओं का उल्लेख था। हाईकोर्ट ने पाया कि उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए जरूरी प्रक्रिया और अनुमति से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे।
इसके अलावा उत्तरपुस्तिकाओं के पन्नों पर क्रमांक नहीं थे और वे एक-दूसरे से बंधे भी नहीं थे। खरीदी गई उत्तरपुस्तिकाओं और परीक्षा में इस्तेमाल के बाद बची उत्तरपुस्तिकाओं की संख्या में भी अंतर मिला। कुछ अभ्यर्थियों के जवाब मॉडल उत्तरों से हूबहू मेल खाते पाए गए।
500 से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा पर उठे सवाल
हाईकोर्ट ने कहा कि इस परीक्षा में 500 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे और जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। ऐसे में यह पता लगाना संभव नहीं था कि किन अभ्यर्थियों को अनियमितताओं का लाभ मिला।
कोर्ट ने माना कि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई थी। इसलिए राज्य सरकार की ओर से पूरी परीक्षा और उसके आधार पर जारी नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला उचित था। अब विभाग को नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया आयोजित कर उसे जल्द पूरा करना होगा।



