सीजी भास्कर, 20 अप्रैल |
रायपुर। राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब छत्तीसगढ़ शासन की असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी (ACS) ऋचा शर्मा लिफ्ट में फंस गईं। जानकारी के अनुसार यह घटना सुबह करीब 6:30 बजे की है, जब ACS करीब 10 मिनट तक लिफ्ट के अंदर फंसी रहीं।
लिफ्ट में न रोशनी, न वेंटिलेशन—बढ़ी घबराहट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लिफ्ट के भीतर न पर्याप्त रोशनी थी और न ही हवा की उचित व्यवस्था, जिससे अधिकारी को घबराहट होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर वे परेशान होकर रोने लगीं और काफी तनाव में रहीं।
इमरजेंसी सिस्टम नदारद, मदद पहुंचने में देरी
बताया गया कि लिफ्ट में इमरजेंसी अलार्म सिस्टम और हेल्पलाइन नंबर जैसी आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं भी मौजूद नहीं थीं, जिसके चलते समय पर मदद नहीं मिल सकी।
फोन कर दी सूचना, प्रशासन में मचा हड़कंप
सूत्रों के अनुसार, ACS ने किसी तरह अपने फोन से अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। उन्होंने ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव को कॉल कर कॉम्प्लेक्स की व्यवस्थाओं, पावर बैकअप और सोलर सिस्टम को लेकर सवाल उठाए। सूचना मिलते ही तेलीबांधा पुलिस मौके पर पहुंची और मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि करेंसी टावर में लिफ्ट फंसने की यह पहली घटना नहीं है। पहले भी कई लोग लिफ्ट में फंस चुके हैं, कुछ मामलों में बेहोशी तक की नौबत आ चुकी है।
बड़ी बिल्डिंग, लेकिन सुविधाएं अधूरी
बताया जा रहा है कि टावर की सातवीं मंजिल पर SAICUS GYM संचालित है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं। करीब 850 दुकान और ऑफिस स्पेस वाले इस बड़े कॉम्प्लेक्स में सिर्फ 4 लिफ्ट होने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जांच और कार्रवाई पर टिकी नजरें
घटना के बाद अब नगर निगम, फायर सेफ्टी और अन्य एजेंसियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मामले में जांच और ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।


