सीजी भास्कर, 24 अप्रैल |
डोंगरगढ़। जहां एक ओर प्रदेशभर में शराब दुकानों के विरोध की आवाजें उठती रहती हैं, वहीं डोंगरगढ़ ब्लॉक के ग्राम कल्याणपुर ने एक अलग ही पहल कर सबका ध्यान खींचा है। यहां के ग्रामीण अब अपने गांव में शासकीय शराब दुकान खोलने की मांग कर रहे हैं। उनकी यह मांग वर्षों से जारी अवैध शराब के कारोबार से छुटकारा पाने के लिए उठी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से अवैध शराब खुलेआम बेची जा रही है। कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई, जिससे अवैध कारोबार और बढ़ता गया। ऐसे में ग्रामीणों ने खुद ही एक अलग रास्ता अपनाते हुए समाधान तलाशने की कोशिश की है।
ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर ग्रामीणों ने शासकीय शराब दुकान खोलने की मांग की है। इसके लिए गांव में शासकीय जमीन भी चिन्हित की जा चुकी है। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण डोंगरगढ़ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री, आबकारी मंत्री, कलेक्टर व एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में सरकारी दुकान खुलती है, तो अवैध शराब बेचने वालों पर लगाम लगेगी और गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वायरल पोस्टर से मचा हड़कंप
इस बीच डोंगरगढ़ शहर में एक विवादित पोस्टर भी चर्चा में है। पोस्टर में कथित तौर पर 24 घंटे शराब उपलब्ध कराने के दावे के साथ कुछ होटलों और व्यक्तियों के नाम व स्थान का उल्लेख किया गया है। इसमें पुलिस संरक्षण जैसे गंभीर और आपत्तिजनक आरोप भी दर्ज हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह पोस्टर किसने जारी किया है, लेकिन इसके सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर नजरें टिक गई हैं। अब जरूरत है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून का भरोसा कायम रह सके।


