सीजी भास्कर, 02 मई : भारतमाला परियोजना में मुआवजा गड़बड़ी (Bharatmala Compensation Scam) के आरोपों के बीच अब प्रशासन ने जांच प्रक्रिया को और अधिक सख्त और व्यापक बना दिया है। लंबे समय से उठ रहे सवालों और सामने आ रही अनियमितताओं के बीच अब हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का यह कदम इस पूरे मामले में बड़े खुलासों की ओर इशारा कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, अब जांच (Bharatmala Compensation Scam) का दायरा केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिन भी खसरा नंबरों पर मुआवजा दिया गया है, उन सभी की बारीकी से जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी फर्जीवाड़ा, गलत आकलन या नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई है। इस निर्णय के बाद पूरे मामले में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
अलग अलग टीमें गठित
संभाग आयुक्त के निर्देश पर इस जांच (Bharatmala Compensation Scam) को गति देने के लिए दो अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया गया है। पहली टीम रायपुर जिले में हुए मुआवजा वितरण के मामलों की जांच करेगी, जबकि दूसरी टीम धमतरी जिले के खसरा नंबरों की विस्तृत पड़ताल करेगी। दोनों टीमों को स्पष्ट रूप से समयसीमा भी दी गई है और एक महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि पहले केवल उन्हीं मामलों की जांच की गई थी, जिनमें शिकायतें दर्ज हुई थीं, लेकिन अब जांच का दायरा बढ़ाकर हर खसरा नंबर को शामिल किया गया है। इससे उन मामलों का भी खुलासा हो सकेगा, जो अब तक सामने नहीं आए थे। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करने के मूड में है।
राज्य सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में कई मामलों में गड़बड़ी के संकेत मिले थे, जिसमें मुआवजा वितरण में अनियमितता और दस्तावेजों में हेरफेर जैसी बातें सामने आई थीं। कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद जांच को और गहराई से करने का निर्णय लिया गया।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें निलंबन, विभागीय कार्रवाई और कानूनी कार्यवाही भी शामिल हो सकती है।


