सीजी भास्कर, 09 मई : छत्तीसगढ़ की बिलासपुर साइबर पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest Fraud) के नाम पर एक महिला से 1 करोड़ 4 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान के चुरू जिले से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने महिला को आतंकवादी संगठन से संबंध होने का डर दिखाकर और फर्जी सरकारी दस्तावेज भेजकर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
व्हाट्सएप कॉल से बुना गया जाल
ठगी (Digital Arrest Fraud) की शुरुआत पीड़िता की माता के मोबाइल पर आए एक व्हाट्सएप कॉल से हुई। कॉल करने वाले ने खुद को ‘संजय पीएसआई’ (संजय PSI) बताया। उसने महिला को डराते हुए कहा कि उनका नाम एक खतरनाक आतंकवादी संगठन की जांच में आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। आरोपियों ने महिला को कई घंटों तक वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा, जिससे वह किसी और से संपर्क न कर सकें।
फर्जी नोटिस और मानसिक दबाव का खेल
महिला को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेने के लिए जालसाजों ने फर्जी सरकारी नोटिस, ईडी (ED) जांच के कागजात, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आरबीआई (RBI) के फर्जी दस्तावेज भेजे। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि उन्होंने इस बारे में किसी को बताया, तो उनके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों को भी गंभीर आपराधिक मामलों में फंसा दिया जाएगा। इस मानसिक प्रताड़ना के कारण महिला ने डर के मारे अलग-अलग खातों में कुल 1,04,80,000/- (एक करोड़ चार लाख अस्सी हजार) रुपये ट्रांसफर कर दिए।
50 लाख की अतिरिक्त मांग पर खुला राज
1 करोड़ से अधिक की रकम वसूलने के बाद भी ठगों (Digital Arrest Fraud) का मन नहीं भरा। वे मामले को रफा-दफा करने के एवज में 50 लाख रुपये की और मांग करने लगे। जब महिला ने घबराकर यह बात अपने बेटे को बताई, तब परिवार को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद तत्काल रेंज साइबर थाना बिलासपुर में मामला दर्ज कराया गया।
राजस्थान के चुरू से दो आरोपी गिरफ्तार
साइबर पुलिस ने बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन की बारीकी से जांच की। जांच की कड़ियां राजस्थान के चुरू जिले तक पहुंची। पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर रूपेन्द्र सिंह (21 वर्ष) और विशाल सिंह (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते गिरोह को उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने उनके पास से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।फिलहाल पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर ले आई है और गिरोह के मास्टरमाइंड व अन्य नेटवर्क की तलाश जारी है।


