सीजी भास्कर, 09 मई : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में शुक्रवार की रात एक ऐसा सड़क हादसा (Balod Road Accident) हुआ जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के खैरीडीह गांव के पास एक तेज रफ्तार कार और मोटरसाइकिल के बीच हुई सीधी भिड़ंत में तीन होनहार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना इतनी भयावह थी कि घटनास्थल का मंजर देखकर प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांप उठी। मृतकों की पहचान सिर्राभाठा निवासी तरुण यादव (20), राहुल सेवता (20) और नरेंद्र भुआर्या (21) के रूप में हुई है।
आमने-सामने की टक्कर और क्षत-विक्षत शव
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 10:00 बजे तीनों दोस्त एक ही बाइक पर सवार होकर किसी काम से डौंडीलोहारा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा (डौंडीलोहारा से राजनांदगांव) से आ रही एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने उन्हें सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर (Balod Road Accident) इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के प्रभाव से युवकों के शरीर के अंग कटकर सड़क पर बिखर गए।
गांव में मातम, परिवारों में कोहराम
हादसे (Balod Road Accident) की खबर जैसे ही सिर्राभाठा गांव पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया। तीनों युवक आपस में गहरे मित्र थे और अपनी उम्र के शुरुआती पड़ाव पर थे। एक साथ तीन अर्थियां उठने की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि तीनों ही मिलनसार स्वभाव के थे और इस तरह उनके अचानक चले जाने से हर कोई स्तब्ध है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही डौंडीलोहारा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सड़क पर बिखरे शवों के अंगों को एकत्रित कर पंचनामा तैयार किया और मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक तौर पर कार चालक की लापरवाही और अत्यधिक तेज रफ्तार को इस खूनी हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस फरार कार चालक की तलाश और मामले की विस्तृत विवेचना में जुटी है।
सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर रात के समय सड़कों पर दौड़ते तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करते हैं, जिससे आए दिन मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।


