सीजी भास्कर, 31 मई : राजधानी रायपुर की सड़कों पर बेतरतीब दौड़ने वाले और यातायात व्यवस्था (Raipur E-Rickshaw Registration Campaign) को प्रभावित करने वाले ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कूटनीतिक शिकंजा कस दिया है। शहर की चरमराती ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने और सुरक्षा के लिहाज से पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला के कड़े निर्देशन पर शुरू किए गए विशेष ई-रिक्शा पंजीयन अभियान का काउंटडाउन अब शुरू हो चुका है।
इस पूरे अभियान की समय सीमा समाप्त होने में अब केवल 5 दिन का वक्त शेष बचा है। रायपुर पुलिस ने साफ और आक्रामक लहजे में चेतावनी दी है कि 05 जून की रात 08 बजे तक यदि वाहन चालकों ने अपना अनिवार्य रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, तो उसके बाद बिना पंजीयन (Raipur E-Rickshaw Registration Campaign) के दौड़ने वाले वाहनों को कड़ाई से जब्त कर उनके खिलाफ सीधे मोटरयान अधिनियम (एमवी एक्ट) के तहत सख्त कानूनी हंटर चलाया जाएगा।
दरअसल, रायपुर शहर में वर्तमान में लगभग 20,000 की बड़ी संख्या में ई-रिक्शा और ऑटो संचालित हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा और नियमन के मोर्चे पर पुलिस के पास इनका सटीक डेटा उपलब्ध नहीं था। इस सस्पेंस और सुरक्षा जोखिम को खत्म करने के लिए यातायात पुलिस, कमिश्नरेट रायपुर ने जनहित फाउंडेशन के सहयोग से एक विशेष क्यूआर कोड और ऑनलाइन लिंक जारी कर 20 मई से इस महा-अभियान (Raipur E-Rickshaw Registration Campaign) की शुरुआत की थी।
इसके तहत चालकों को अपना पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन का आरसी डिटेल्स ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। लेकिन चिंता की बात यह है कि 15 दिनों की इस निर्धारित समयावधि में से अब तक केवल 6,228 चालकों ने ही ईमानदारी से अपना पंजीयन (Raipur E-Rickshaw Registration Campaign) कराया है, जबकि एक बहुत बड़ा तबका अभी भी इस प्रक्रिया से कतरा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यातायात एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) सतीश ठाकुर ने ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों की सुविधा के लिए प्रशासन की तैयारियों को और कड़ा कर दिया है। अब चालकों को किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी; शहर के सभी यातायात थानों और च्वाइस सेंटरों के अतिरिक्त रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड भाठागांव और कलेक्ट्रेट के ठीक सामने विशेष सहायता बूथ बनाकर वहां सीधे अधिकारियों (Raipur E-Rickshaw Registration Campaign) को तैनात कर दिया गया है, ताकि मौके पर ही शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन कराया जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने इस डिजिटल डेटाबेस के फायदों को समझाते हुए बताया कि ई-रिक्शा का पूर्ण डेटा सुरक्षित होने से न केवल शहर में चल रही कुल गाड़ियों की सटीक संख्या (Raipur E-Rickshaw Registration Campaign) का पता चलेगा, बल्कि किसी भी तरह की आपराधिक वारदात या कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में आरोपी चालक की तत्काल पतासाजी की जा सकेगी। इसके अलावा, अक्सर ई-रिक्शा या ऑटो में सफर के दौरान आम यात्रियों का कीमती सामान छूट जाता है, ऐसी स्थिति में इस यूनिक डेटा की मदद से तत्काल संबंधित ऑटो चालक से संपर्क साधकर पीड़ित यात्री को उसका खोया हुआ सामान सुरक्षित वापस दिलाया जा सकेगा।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर के तमाम ई-रिक्शा और ऑटो मालिकों से कड़े शब्दों में अंतिम अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की बड़ी कानूनी असुविधा और जब्ती की कार्रवाई से बचने के लिए 5 जून की रात 8 बजे से पहले हर हाल में अपना ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पूर्ण करा लें। इस तय तारीख के बाद सड़कों पर बिना रिकॉर्ड के पाई जाने वाली गाड़ियों पर होने वाली कड़क दंडात्मक कार्रवाई के लिए वाहन मालिक खुद पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।




