सीजी भास्कर, 04 जून : मुंगेली जिले के निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर स्वास्थ्य विभाग (Mungeli Lifeline Hospital) ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय स्थित लाइफ लाइन अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया, जहां अस्पताल संचालन और आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी कई खामियां सामने आईं। जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शीला साहा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, दस्तावेजों, आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की विस्तृत जांच की गई।
मरीजों और परिजनों से ली गई जानकारी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आयुष्मान भारत योजना (Mungeli Lifeline Hospital) के तहत भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे चर्चा की। उपचार व्यवस्था, अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और प्रबंधन के व्यवहार को लेकर फीडबैक लिया गया। विभागीय टीम ने मरीजों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अस्पताल की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन भी किया।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
स्वास्थ्य विभाग की जांच में आयुष्मान भारत योजना से संबंधित सूचना पट्टों की कमी, निर्धारित बेडों का उचित चिन्हांकन नहीं होना, लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों में खामियां तथा अस्पताल संचालन के निर्धारित मानकों के पालन में कमी पाई गई। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के नियमों और दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर भी कई आवश्यक सुधार सुझाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर
जिला प्रशासन का कहना है कि आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले के निजी और शासकीय अस्पतालों की नियमित निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को निर्धारित सुविधाएं और निशुल्क उपचार उपलब्ध कराना सभी सूचीबद्ध अस्पतालों की जिम्मेदारी है।
नियमों से समझौता नहीं होगा : CMHO
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण और पूरी तरह निशुल्क उपचार उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मरीजों के अधिकारों, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और योजना के नियमों से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण में मिली कमियों को जल्द दूर नहीं किए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।




