सीजी भास्कर, 04 जून : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की ग्राम पंचायत सरडीह (Jashpur Sardih National Award) ने पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सतत विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए सरडीह पंचायत ने भारत सरकार के प्रतिष्ठित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार में “स्वच्छ एवं हरियाली ग्राम” श्रेणी के अंतर्गत संयुक्त रूप से देश में तीसरा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के लिए पंचायत को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है। यह सम्मान केवल सरडीह पंचायत ही नहीं बल्कि पूरे जशपुर जिले और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गया है।
नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में सरडीह पंचायत के सरपंच रामजी राम भगत और सचिव ईश्वर प्रसाद यादव ने यह सम्मान ग्रहण किया। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने उन्हें पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
जनभागीदारी से लिखी सफलता की नई कहानी
कलेक्टर रोहित व्यास ने इस उपलब्धि को ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सरडीह पंचायत ने सामुदायिक सहभागिता, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिससे अन्य पंचायतें भी प्रेरणा ले सकती हैं। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने कहा कि पंचायत ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देकर राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल कायम की है।
स्वच्छता अभियान ने बदली गांव की तस्वीर
करीब 454 परिवारों वाले सरडीह गांव में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय भी निवास करता है। पंचायत ने गांव के हर घर में शौचालय उपयोग सुनिश्चित किया है। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है और सप्ताह में एक दिन पूरे गांव में सामूहिक स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। ग्रामीण और स्वच्छताग्राही समूह मिलकर सफाई करते हैं, जिससे गांव साफ-सुथरा और स्वस्थ वातावरण वाला आदर्श ग्राम बन चुका है।
जल संरक्षण से सुधरा भूजल स्तर
गांव में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर सोखता गड्ढों का निर्माण कराया गया। इसका सकारात्मक असर भूजल स्तर पर देखने को मिला है। वर्षभर पानी की उपलब्धता बनी रहने से ग्रामीणों को राहत मिली है और खेती को भी लाभ पहुंचा है।
सौर ऊर्जा और आधुनिक खेती से बढ़ी आय
सरडीह पंचायत में 109 घरों में सौर ऊर्जा आधारित पंप लगाए गए हैं। इससे सिंचाई और घरेलू जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता आसान हुई है। किसान अब टमाटर, मिर्च, खीरा सहित कई उद्यानिकी फसलों की खेती कर रहे हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गांव में स्थापित 12 सोलर स्ट्रीट लाइटें ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
राष्ट्रीय पुस्तक में भी दर्ज हुई उपलब्धि
राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह के दौरान पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रकाशित विशेष पुस्तक “राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025” का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में सरडीह पंचायत के स्वच्छता, जल संरक्षण, हरित विकास, नवीकरणीय ऊर्जा और जनभागीदारी से जुड़े नवाचारों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों को पुस्तक की प्रति भी प्रदान की गई।
पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय
सरडीह पंचायत (Jashpur Sardih National Award) को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान ग्रामीणों, स्वच्छताग्रहियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि यदि गांव स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनसहभागिता सुनिश्चित हो तो ग्रामीण विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं। आज सरडीह केवल जशपुर का नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर ग्राम का प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरा है।




