सीजी भास्कर, 08 जून। बिहार के चर्चित डकैती और गैंगरेप मामले में पिछले करीब 7 साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी को रायपुर ग्रामीण पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में एक निजी स्टील फैक्ट्री में मजदूर के रूप में रह रहा था। (Absconding accused of robbery and rape arrested)
सूचना के आधार पर सिलतरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय यादव के रूप में हुई है। वह लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। सिलतरा पुलिस से आरोपी को बिहार पुलिस के हवाले कर दी है।
7 साल से फरार था आरोपी, कई गंभीर मामलों में था वांछित :Absconding accused of robbery and rape arrested
सिलतरा पुलिस के मुताबिक आरोपी अजय यादव साल 2019 में बिहार के जहानाबाद जिले में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में फरार चल रहा था। उसके खिलाफ डकैती, हत्या के प्रयास, लूट, गैंगरेप और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज हैं।
वारदात के बाद से वह लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा। आरोपी की गिरफ्तारी पर मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। तकनीकी जांच और खुफिया सूचना के आधार पर जहानाबाद पुलिस को आरोपी के रायपुर में छिपे होने की जानकारी मिली।
इसके बाद जहानाबाद पुलिस ने रायपुर पुलिस से संपर्क किया। सूचना मिलने पर सिलतरा चौकी पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और बिहार पुलिस की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
स्टील फैक्ट्री में मजदूर बनकर छिपा था आरोपी
जांच में पता चला कि आरोपी सिलतरा स्थित एक निजी स्टील कंपनी में काम कर रहा था। उसने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर वहां नौकरी हासिल की थी और लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचा हुआ था।
पुलिस ने पुख्ता सूचना मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरोपी को जहानाबाद पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके बाद बिहार पुलिस की टीम उसे आगे की न्यायिक कार्रवाई के लिए अपने साथ बिहार ले गई।
कर्मचारियों के सत्यापन में लापरवाही आई सामने : Absconding accused of robbery and rape arrested
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित कंपनी ने कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन से जुड़े निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया था। इसी लापरवाही के कारण गंभीर अपराधों में वांछित आरोपी लंबे समय तक फैक्ट्री में काम करता रहा और उसकी पहचान उजागर नहीं हो सकी।
पुलिस अधिकारियों ने सभी औद्योगिक संस्थानों और कंपनियों से कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराने की अपील की है, ताकि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की समय रहते पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।



