सीजी भास्कर, 09 जून। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में प्रस्तावित केनाल लिंक रोड निर्माण परियोजना के तहत मंगलवार को जोगीडीपा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। करीब 22.55 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस सड़क के लिए पहले चरण में 29 मकानों और झोपड़ियों को तोड़ा गया। (Raigarh Canal Link Road Project)
प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई से पहले सभी प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कर उन्हें सूर्या विहार कॉलोनी में आवास उपलब्ध कराया गया था। दरअसल, मंगलवार सुबह नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम जोगीडीपा क्षेत्र पहुंची।
जेसीबी मशीनों की मदद से मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों से भी अतिरिक्त जवान बुलाए गए थे।
23 मई को जारी किया गया था नोटिस : Raigarh Canal Link Road Project
नगर निगम ने 23 मई को क्षेत्र के 33 प्रभावित परिवारों को मकान खाली करने का नोटिस जारी किया था। इसके बाद प्रभावितों को सूर्या विहार कॉलोनी में आवास आवंटित कर चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट कराया गया। निगम कर्मचारियों ने परिवारों के सामान को नए आवास तक पहुंचाने में भी सहयोग किया।
प्रभावित परिवारों ने जताई संतुष्टि
प्रभावित परिवारों में शामिल सत्यम सहिस ने बताया कि, नोटिस मिलने के बाद उन्हें समय दिया गया था और बाद में सूर्या विहार कॉलोनी में आवास उपलब्ध करा दिया गया। उन्होंने कहा कि नई जगह पर बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। अधिकांश परिवार पुनर्वास व्यवस्था से संतुष्ट हैं।
18 मीटर चौड़ी सड़क का होगा निर्माण : Raigarh Canal Link Road Project
तहसीलदार शिवकुमार डनसेना ने बताया कि, जोगीडीपा क्षेत्र में प्रस्तावित केनाल लिंक रोड के लिए प्रभावित परिवारों का पुनर्वास पहले ही किया जा चुका है। पहले चरण में 29 मकानों को हटाया गया है। परियोजना के तहत यहां लगभग 18 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण की कार्रवाई के लिए आगे की प्रक्रिया जारी है।
परियोजना से शहर को मिलेगी नई कनेक्टिविटी
केनाल लिंक रोड परियोजना (Raigarh Canal Link Road Project) को शहर के यातायात दबाव को कम करने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद आवागमन सुगम होगा और शहर के विकास को गति मिलेगी।



