सीजी भास्कर, 18 जून। देश के कई हिस्सों में लोग मानसून की जोरदार बारिश का इंतजार कर (Chhattisgarh Weather) रहे हैं, लेकिन मौसम का मिजाज फिलहाल उम्मीद के मुताबिक नहीं दिख रहा। कहीं उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं बादल आने के बाद भी अच्छी बारिश नहीं हो पा रही है। छत्तीसगढ़ में भी लोगों की नजरें अब आसमान पर टिकी हुई हैं।
खेती किसानी से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मानसून की धीमी चाल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में परिस्थितियां बदल सकती हैं और कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
22 जून से पहले नहीं बढ़ेगा मानसून : Chhattisgarh Weather
मौसम विभाग के अनुसार मानसून 8 जून से तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में लगभग ठहरा हुआ है। यही वजह है कि इसकी आगे बढ़ने की रफ्तार प्रभावित हुई है।
अनुमान है कि 22 जून से पहले मानसून राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों तक नहीं पहुंच पाएगा। सामान्य तौर पर यह इन राज्यों में जून के मध्य तक प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार देरी देखी जा रही है।
छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत
छत्तीसगढ़ के लिए राहत की बात यह है कि अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।
19 और 20 जून के दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना भी जताई गई है।
देश में सामान्य से 42 प्रतिशत कम बारिश
4 जून से 18 जून के बीच देशभर में सामान्य के मुकाबले करीब 42 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मानसून की धीमी प्रगति को इसकी प्रमुख वजह माना (Chhattisgarh Weather) जा रहा है। हालांकि पिछले दो वर्षों में भी जून महीने के दौरान मानसून की चाल कुछ समय के लिए धीमी पड़ी थी, लेकिन बाद में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। इसी कारण मौसम वैज्ञानिक अभी किसी बड़े संकट की आशंका नहीं जता रहे हैं।
आठ राज्यों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान
मानसून की सुस्ती का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 45 डिग्री सेल्सियस के करीब रिकॉर्ड किया गया। कई इलाकों में लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान रहे।
क्यों धीमी हुई मानसून की चाल
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन अपेक्षित गति से सक्रिय नहीं हो पाया है, जिससे मानसून की प्रगति प्रभावित हुई है। इसके अलावा अल नीनो जैसी परिस्थितियों के संकेत भी सामने आ रहे हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रहती है तो कुछ क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान हो सकता है। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से सुधार की संभावना जताई जा रही है।
किसानों की बढ़ी चिंता, लेकिन उम्मीद बरकरार
छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुटे (Chhattisgarh Weather) हुए हैं। बारिश में देरी के कारण कई क्षेत्रों में बोनी की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। इसके बावजूद मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश की उम्मीद बनी हुई है।





