सीजी भास्कर, 21 जून : प्रदेश में नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल रूप (Seva Setu Kendra Chhattisgarh) से सुलभ बनाने की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश में संचालित लोक सेवा केंद्रों का उन्नयन कर उन्हें अब सेवा-सेतु केंद्र नाम दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को पहले की तुलना में कहीं अधिक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
राज्य शासन का उद्देश्य आम नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देते हुए अधिकतम सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना है। पहले जहां लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 73 सेवाएं प्रदान की जाती थीं, वहीं अब सेवा-सेतु केंद्रों के जरिए 442 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सेवाओं का दायरा हुआ कई गुना विस्तृत
सेवा-सेतु केंद्रों के माध्यम से आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, भवन अनुज्ञा, नाम परिवर्तन संबंधी राजपत्र अधिसूचना सहित अनेक शासकीय सेवाओं के लिए आवेदन किया जा सकेगा। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी विभिन्न नागरिक सुविधाएं भी इन केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध होंगी।
नई व्यवस्था से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को समय, श्रम और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही सेवाओं के निष्पादन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
सभी केंद्रों में होगी एक समान पहचान
राज्य शासन ने सेवा-सेतु केंद्रों की एकरूप पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी केंद्रों में एक समान नाम पट्टिका और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। अब सभी आधिकारिक दस्तावेजों, रसीदों और पोर्टल पर भी लोक सेवा केंद्र के स्थान पर सेवा-सेतु केंद्र नाम का उपयोग किया जाएगा।
सेवा-सेतु पोर्टल का संचालन करने वाले अधिकृत सेवा प्रदाताओं को अब सेवा-सेतु प्रबंधक के नाम से जाना जाएगा।
घर बैठे भी कर सकेंगे आवेदन
नागरिक सेवा-सेतु पोर्टल के माध्यम से स्वयं पंजीयन कर विभिन्न सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। इससे लोगों को कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम होगी और सेवाएं अधिक तेज़ी से उपलब्ध हो सकेंगी।
राज्य शासन का मानना है कि सेवा-सेतु केंद्रों के माध्यम से प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम होगी तथा सुशासन की अवधारणा को और मजबूती मिलेगी।





