सीजी भास्कर, 22 जून। कोटा अंचल में इन दिनों विकास को लेकर नई उम्मीदों की चर्चा तेज (Kota Municipality ) है। वर्षों से उठ रही एक प्रमुख मांग पूरी होने के बाद स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि इस बदलाव का असर आने वाले समय में शहर की बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर साफ दिखाई देगा।
बाजार से लेकर मोहल्लों तक एक ही चर्चा है कि अब कोटा के विकास की रफ्तार पहले से ज्यादा तेज हो सकती है। नगर क्षेत्र के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों को भी उम्मीद है कि अब कई लंबित जरूरतों को प्राथमिकता मिल सकेगी।
बिलासपुर जिले की ऐतिहासिक नगरी कोटा को नगर पंचायत से नगर पालिका का दर्जा मिल गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। इसके साथ ही कोटा के लिए विकास की नई संभावनाओं का रास्ता खुल गया है।
राजपत्र में प्रकाशित हुई अधिसूचना Kota Municipality
राज्य शासन की ओर से जारी अधिसूचना के बाद कोटा अब आधिकारिक रूप से नगर पालिका परिषद बन गया है। हालांकि फिलहाल इसकी सीमाएं पूर्व की नगर पंचायत सीमा के अनुसार ही रहेंगी। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार इस क्षेत्र की आबादी 18 हजार 405 दर्ज की गई थी।
विकास कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
नगर पालिका बनने के बाद क्षेत्र में सड़क, नाली, स्वच्छता, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होने की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर भी विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।
मिलेगा अतिरिक्त बजट
दर्जा बढ़ने के साथ कोटा को विभिन्न विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता (Kota Municipality) साफ हुआ है। जर्जर सड़कों के सुधार, ड्रेनेज व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन और पेयजल विस्तार जैसी परियोजनाओं को इससे लाभ मिलने की संभावना है।
नए सिरे से होगा परिसीमन
नगर पालिका बनने के बाद वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। जिला प्रशासन नए प्रशासनिक ढांचे के अनुरूप वार्ड सीमाओं का पुनर्गठन कर सकता है। इससे स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
योजनाओं का बढ़ेगा दायरा
नए दर्जे के बाद विभिन्न शहरी विकास योजनाओं का लाभ क्षेत्र को अधिक व्यापक रूप से मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार, व्यवसायिक गतिविधियों और अन्य विकास अवसरों का विस्तार हो सकता है।
घोषणा अब हुई पूरी
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पूर्व में कोटा को नगर पालिका बनाने की घोषणा (Kota Municipality) की थी। अब राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के साथ यह प्रक्रिया पूरी हो गई है और क्षेत्र को नई प्रशासनिक पहचान मिल गई है।





