सीजी भास्कर, 24 जून। शहर के बैरनबाजार इलाके में मंगलवार सुबह उस समय हलचल बढ़ गई जब प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम भारी अमले के साथ एक परिसर (Illegal Construction) में पहुंची। इलाके के लोगों की नजरें पूरे घटनाक्रम पर टिकी रहीं और देखते ही देखते ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
सुबह से शुरू हुई कार्रवाई कई घंटों तक चली। अधिकारियों की मौजूदगी में मशीनों ने उस हिस्से को हटाना शुरू किया जिसे प्रशासन ने नियमों के विपरीत निर्मित बताया है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।
दो मंजिला निर्माण पर चली कार्रवाई Illegal Construction
नगर निगम की टीम ने बैरनबाजार स्थित सेंट पॉल्स स्कूल परिसर में बने दो मंजिला भवन को ध्वस्त किया। अधिकारियों के अनुसार यह निर्माण निर्धारित स्वीकृति से अधिक क्षेत्र में किया गया था और इसके लिए आवश्यक अनुमति भी प्राप्त नहीं की गई थी। प्रशासन का कहना है कि निर्माण से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
कम्युनिटी हॉल की अनुमति, निर्माण पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार वर्ष 2010 में परिसर के भीतर कम्युनिटी हॉल निर्माण की अनुमति ली गई थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि बाद में परिसर में अतिरिक्त गतिविधियां संचालित होने लगीं और बिना अनुमति के दो अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कर लिया गया। अधिकारियों का दावा है कि यह निर्माण स्वीकृत मानकों और शर्तों के अनुरूप नहीं था।
लीज अवधि समाप्त होने का भी मामला
प्रशासन के मुताबिक संबंधित भूमि की लीज अवधि वर्ष 2022 में समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद परिसर में निर्माण गतिविधियां जारी रहने की बात सामने आई है। इसी आधार पर दस्तावेजों की समीक्षा की गई और नियमों के उल्लंघन से जुड़े बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया।
ग्राउंड फ्लोर को फिलहाल नहीं हटाया गया
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल केवल अवैध रूप से निर्मित ऊपरी मंजिलों को हटाया (Illegal Construction) गया है। ग्राउंड फ्लोर को नहीं तोड़ा गया क्योंकि भूमि लीज के नवीनीकरण से जुड़ी प्रक्रिया अभी लंबित बताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा कि भूतल में स्वीकृत क्षेत्रफल से अधिक निर्माण के संकेत मिले हैं, जिसकी अलग से जांच की जा रही है।
नोटिस और जांच के बाद लिया गया फैसला
प्रशासन का कहना है कि संबंधित पक्ष को पहले नोटिस जारी किया गया था। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने और जवाब प्राप्त करने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई (Illegal Construction) की गई। अधिकारियों के अनुसार बिना अनुमति निर्माण और लीज शर्तों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच के बाद यह कदम उठाया गया है। मामले को लेकर पहले भी विभिन्न स्तरों पर आपत्तियां और शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।





