सीजी भास्कर, 26 जून : अग्नि सुरक्षा (Fire Safety Chhattisgarh) को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर सख्त रुख अपनाया है। हालिया अग्निकांडों के बाद स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई कर रही हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि केवल टेंडर जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अग्नि सुरक्षा (Fire Safety Chhattisgarh) से जुड़े कार्य जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने चाहिए। अदालत ने फायर ब्रिगेड के आधुनिक वाहनों और उपकरणों की खरीद से संबंधित सभी टेंडरों की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार को शपथपत्र के साथ विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा गया है।
21 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि अग्नि सुरक्षा व्यवस्था (Fire Safety Chhattisgarh) के मामले में केवल कागजी औपचारिकताएं स्वीकार नहीं की जाएंगी। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि टेंडर प्रक्रिया के बाद वास्तविक कार्य कितनी प्रगति पर है। राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि लगभग 72.70 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक फायर उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है तथा प्रदेश में 16 नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाने की योजना बनाई गई है। हालांकि कई जिलों में अब तक भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।
कोचिंग, मॉल और होटलों की होगी सघन जांच
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा जांच (Fire Safety Chhattisgarh) के तहत कोचिंग संस्थानों, मॉल, होटल, अस्पतालों और बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा जांच तेज कर दी है। शहर स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में विशेष जांच समिति गठित की गई है, जबकि प्रत्येक अनुविभाग में अलग-अलग टीमों को निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन समितियों को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के दौरान फायर एनओसी, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण, प्रवेश एवं निकास मार्ग, आपातकालीन अलार्म सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा मानकों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
लापरवाही मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन की प्रारंभिक जांच में कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Chhattisgarh) की अनदेखी सामने आई है। कुछ कोचिंग संस्थानों में केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार मिलने जैसी गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके बाद एक संस्थान को सील किया गया है तथा अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां पाई जाएंगी, उन्हें पहले निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार का अवसर दिया जाएगा। तय समय में सुधार नहीं होने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ सीलिंग, लाइसेंस निरस्तीकरण और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि अग्नि सुरक्षा ऑडिट (Fire Safety Chhattisgarh) को जांच का प्रमुख आधार बनाया गया है, ताकि सभी व्यावसायिक एवं शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।



