सीजी भास्कर, 30 जून। नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट (Nagpur Factory Blast) मामले में विस्फोटक निर्माता कंपनी एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के अधिकारियों की तलाश तेज हो गई है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक संपत सिंह चौधरी और उनके भाई संजय संपत सिंह चौधरी की गिरफ्तारी के लिए नागपुर पुलिस की विशेष टीम रायपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीम ने दोनों के आवास और कंपनी के कॉर्पोरेट कार्यालय में दबिश दी, लेकिन दोनों आरोपी वहां नहीं मिले।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों भाइयों के खिलाफ नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट (Nagpur Factory Blast) मामले में पहले से अपराध दर्ज है। अदालत से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उनकी गिरफ्तारी के प्रयास लगातार तेज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की संभावित लोकेशन और अन्य ठिकानों की लगातार जांच की जा रही है।
23 कर्मचारियों की मौत के बाद दर्ज हुआ था मामला
गौरतलब है कि 1 मार्च 2026 को नागपुर स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के गोला-बारूद और डेटोनेटर निर्माण संयंत्र में भीषण विस्फोट हुआ था। इस हादसे में 23 कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों और संचालन प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठे थे।
जांच पूरी होने के बाद कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, साक्ष्य छिपाने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि फैक्ट्री संचालन में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते इतना बड़ा हादसा हुआ।
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद जारी हुआ वारंट
मामले में आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद 23 मार्च 2026 को कलमेश्वर न्यायालय ने आलोक संपत सिंह चौधरी और संजय संपत सिंह चौधरी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया जा चुका है।
अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई के बाद जांच हुई तेज
हाल ही में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा सूडान में कथित रूप से विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति के आरोप में एसबीएल एनर्जी लिमिटेड और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इस मामले में जांच और कार्रवाई की रफ्तार बढ़ गई है। इसके बाद नागपुर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न राज्यों में दबिश देना शुरू कर दिया है।
रायपुर पुलिस ने पुष्टि की है कि नागपुर पुलिस की विशेष टीम ने शहर में आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की है। हालांकि दोनों आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है।



