सीजी भास्कर, 30 जून। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में (Jashpur Tourism) अपनी प्राकृतिक वादियों, झरनों, धार्मिक स्थलों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के कारण छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक अब जशपुर का रुख कर रहे हैं।

प्राकृतिक वादियां और झरने बना रहे खास आकर्षण
(Jashpur Tourism) के अंतर्गत जिले की हरी-भरी पहाड़ियां, घने साल के जंगल, कल-कल बहते झरने, स्वच्छ नदी-नाले और शांत वातावरण प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। महानगरों की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून और प्राकृतिक अनुभव की तलाश में हर वर्ष हजारों पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। जशपुर में प्रकृति, रोमांच, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

रानीदाह, राजपुरी और मयाली नेचर कैम्प बढ़ा रहे पर्यटन की पहचान
जशपुर मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित रानीदाह जलप्रपात वर्षा ऋतु में अपनी मनमोहक प्राकृतिक छटा के लिए प्रसिद्ध है। वहीं बगीचा विकासखंड का राजपुरी जलप्रपात भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैम्प एडवेंचर गतिविधियों, बोटिंग और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है।

कैलाश गुफा और मधेश्वर पहाड़ आस्था के प्रमुख केंद्र
बगीचा विकासखंड स्थित कैलाश गुफा प्राकृतिक रूप से निर्मित अद्भुत गुफा है, जहां भगवान शिव का मंदिर और संत गहिरा गुरु का आश्रम स्थित है। वहीं कुनकुरी क्षेत्र का मधेश्वर पहाड़ विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। यह स्थल धार्मिक आस्था और प्राकृतिक आश्चर्य का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है।

कोतेबिरा और खुडिया रानी गुफा भी खींच रहे पर्यटकों का ध्यान
फरसाबहार विकासखंड में ईब नदी के किनारे स्थित कोतेबिरा अपनी विशाल प्राकृतिक चट्टानों, शांत वातावरण और सुंदर पहाड़ी श्रृंखलाओं के लिए प्रसिद्ध है। वहीं बगीचा विकासखंड की खुडिया रानी गुफा ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां प्रकृति और इतिहास का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

बेहतर संपर्क सुविधा से आसान हुआ सफर
(Jashpur Tourism) को बढ़ावा देने के लिए सड़क संपर्क भी लगातार बेहतर किया गया है। जशपुर सड़क मार्ग से प्रदेश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन रांची और झारसुगुड़ा हैं, जबकि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट (रांची) और झारसुगुड़ा एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के जरिए आसानी से जशपुर पहुंचा जा सकता है। रायगढ़, सरगुजा और बिलासपुर से भी जिले का सड़क संपर्क सुगम है।

ग्रामीण पर्यटन से बढ़ रही स्थानीय आजीविका
जिले में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांच होमस्टे स्थापित किए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन और पर्यटक सेवाओं का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने केरे गांव को मॉडल ग्रामीण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया है, जहां पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन शैली का अनुभव मिल रहा है।
प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था, रोमांच और आदिवासी संस्कृति का अनूठा संगम समेटे (Jashpur Tourism) आज छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। यहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक प्रकृति के बीच सुकून, रोमांच और यादगार अनुभव लेकर लौट रहा है।



