सीजी भास्कर, 1 जुलाई। रायगढ़ जिले में Raigarh Elephant Movement के चलते मंगलवार शाम कुछ देर के लिए मुख्य सड़क पर यातायात रोकना पड़ा। घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के चारमार इलाके में करीब 25 हाथियों का दल जंगल से निकलकर सड़क पार करने लगा। वन विभाग ने समय रहते ट्रैफिक रोककर हाथियों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराया, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई।
समय रहते रोका गया ट्रैफिक, टला बड़ा हादसा
वन विभाग को पहले ही हाथियों की गतिविधियों की सूचना मिल गई थी। इसके बाद वनकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी। कुछ ही देर में हाथियों का पूरा झुंड सुरक्षित रूप से सड़क पार कर गया, जिसके बाद यातायात दोबारा सामान्य कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए थे, जिन्हें हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई।
नर, मादा और शावकों के साथ जंगल की ओर बढ़ा दल
वन विभाग के अनुसार Raigarh Elephant Movement के दौरान झुंड में नर, मादा और शावक सभी शामिल थे। सड़क पार करने के बाद हाथियों का दल पानीखेत और पाकादरहा के जंगल की ओर बढ़ गया। वन अमला लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, ताकि आसपास के गांवों में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।
गांवों में मुनादी, जंगल जाने से किया मना
हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है। लोगों से अकेले जंगल की ओर नहीं जाने, रात के समय विशेष सावधानी बरतने तथा हाथियों के करीब जाकर फोटो या वीडियो बनाने जैसी गतिविधियों से बचने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाथियों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ जानलेवा साबित हो सकती है।
लैलूंगा में भी मचाया था उत्पात
इससे पहले Raigarh Elephant Movement के बीच लैलूंगा वन परिक्षेत्र के कुंजारा स्थित शासकीय उद्यान रोपणी में 12 हाथियों का एक अन्य दल घुस गया था। हाथियों ने सुरक्षा फेंसिंग को कई स्थानों पर तोड़ दिया, अरेका पाम और क्रोटन के गमलों को नुकसान पहुंचाया तथा नारियल के पौधों और कटहल के पेड़ों को भी क्षति पहुंचाई। घटना के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।



