सीजी भास्कर, 2 जुलाई। राजधानी रायपुर में डायल-112 (Dial 112 Negligence) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाले मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सड़क हादसे की सूचना मिलने के बावजूद देर से मौके पर पहुंचने और पीड़ितों व मौजूद लोगों से अभद्र व्यवहार करने के आरोप में डायल-112 में पदस्थ आरक्षक संदीप शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की।
सड़क हादसे के बाद देर से पहुंची थी टीम
जानकारी के अनुसार 30 जून की रात करीब 11 बजे रायपुर के सिटी सेंटर मॉल के सामने सर्विस रोड पर कार और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई थी। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस टीम काफी देर से मौके पर पहुंची। आरोप है कि मौके पर पहुंचे आरक्षक संदीप शर्मा ने घायल पक्ष और वहां मौजूद लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
डीसीपी ने लिया तत्काल संज्ञान
वीडियो सामने आने के बाद सेंट्रल जोन के डीसीपी उमेश प्रसाद गुप्ता ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कराई। प्रारंभिक जांच में आरक्षक की लापरवाही और अमर्यादित आचरण सामने आने पर तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित कर रक्षित केंद्र रायपुर संबद्ध कर दिया गया।
निलंबन आदेश में दर्ज की गई गंभीर टिप्पणी
पुलिस विभाग द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि 30 जून की रात सड़क दुर्घटना की सूचना पर डायल-112 में तैनात आरक्षक क्रमांक 1250 संदीप शर्मा निर्धारित समय पर मौके पर नहीं पहुंचे और घटना स्थल पर पहुंचने के बाद उनका व्यवहार भी अनुशासनहीन एवं अमर्यादित पाया गया। इसे गंभीर कर्तव्यहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
डायल-112 की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल
घटना के बाद एक बार फिर डायल-112 (Dial 112 Negligence) की त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था और सड़क हादसों के दौरान पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि आपातकालीन सेवाओं का उद्देश्य संकट की घड़ी में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे मामलों में देरी और अभद्र व्यवहार से आम लोगों का भरोसा प्रभावित होता है। अब इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग की जवाबदेही और आपातकालीन सेवा की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा तेज हो गई है।



